राष्ट्रीय निषाद संघ अतिपिछड़ों के आरक्षण को लेकर प्रदेश व्यापी आंदोलन चलाने के मूड में दिख रहा है. आंदोलन से पहले इस मुद्दे पर चर्चा करने को संघ निषाद, बिंद, कश्यप, रायकवार प्रतिनिधि सम्मेलन आयोजित कर रहा है. पांच मार्च को होने वाले इस प्रतिनिधि सम्मेलन में कई पयार्वाची जातियों को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र नहीं देने और इस मामले में मनमानी किए जाने का मसला उठाया जाएगा.

यूपी में जाटों की तर्ज पर 17 अतिपिछड़ी जातियां आंदोलन के मूड में

राष्ट्रीय निषाद संघ के राष्ट्रीय सचिव चौ. लौटन राम निषाद ने कहा कि मझवार की पर्यायवाची माझी, मल्लाह, केवट, तथा गोड़ की पर्यायवाची गोडिया, धुरिया, कहार, धीमर, रायकवार, बाथम आदि हैं. लेकिन जाटव चमार, वाल्मीकि, पासी आदि की भांति मझवार, गोड़, तुरैहा आदि को अनुसूचित जाति का प्रमाण-पत्र नहीं दिया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि प्रदेश शासन के निर्देश के बाद भी निदेशक, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान लखनऊ मझवार, गोड़, पासी की पर्यायवाची जातियों से संबंधित रिपोर्ट तैयार न करा मनमानी कर रहे हैं.

निषाद ने कहा कि सरकार अतिपिछड़ों के आरक्षण के प्रति गंभीर नहीं है. उन्होंने कहा कि लगता है कि सरकार चाहती है कि 17 अतिपिछड़ी जातियां भी जाटों की तरह सड़क पर उतरे.

उन्होंने कहा कि 5 मार्च को दारुलशफा के ए ब्लॉक में राष्ट्रीय निषाद संघ एवं निषाद बिंद कश्यप, रायकवार प्रतिनिधि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें आरक्षण के संदर्भ में निर्णय लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी. (pradesh18)


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