साथी वकील की मौत पर शहर के वकीलों ने जमकर हंगामा किया। वकीलों ने शहर में लग रहे सपा सरकार के होर्डिंग जलाए। वकीलों ने हाइकोर्ट के बाहर जमकर बवाल किया। वकीलों ने यहां पर बस स्टॉप में आग लगा दी। आक्रोशित वकीलों ने यहां कई गाड़ियां भी फूंक डाली। यहां स्थिति तनावपूर्ण हो गई है।

हाइकोर्ट के बाहर वकीलों ने जमकर किया हंगामागौरतलब है कि नाका थाना क्षेत्र के गणेशगंज सराय फाटक स्थित श्रीप्रणामी मंदिर में रहने वाले बाराबंकी के अधिवक्ता श्रवण कुमार वर्मा (38) की हत्या के बाद शव पास ही स्थित विकास अरोड़ा के मकान के बाहर नाली में ठूंस दिया गया था। मंगलवार सुबह अधिवक्ता का अर्द्धनग्न शव देखकर हड़कंप मच गया था। माथे व सिर पर चोट थी, जबकि हाथ-पैर व पेट में खरोंच के निशान मिले थे। पास ही एक प्लास्टिक का पाइप और तीन ईंटें पड़ी थीं।

परिवारीजनों ने मंदिर के पुजारी बंशीदास, उनके दो सहयोगी मयंक व राजकुमार तथा विकास अरोड़ा पर हत्या का शक जताया है। पुलिस सभी संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। श्रवण के बड़े भाई बलराम ने नाका थाने में हत्या की एफआईआर दर्ज कराई थी।

अर्धनग्न अवस्‍था में मिला था वकील का शव

नाका एसओ धीरेंद्र यादव ने बताया कि श्रवण के शरीर पर सिर्फ अंडरवियर थी। सुबह करीब साढ़े पांच बजे विकास अरोड़ा का ड्राइवर विनोद घर आया था। वह टैंपो लेकर निकला तो नाली में श्रवण का शव पड़ा देखकर उसके होश उड़ गए।

विनोद ने इसकी सूचना विकास और पुजारी को दी। जानकारी पाकर श्रवण के बडे़ भाई व कैसरबाग में रोडवेज बस में कंडक्टर बलराम और हैदरगढ़ में वकालत करने वाले वासुदेव सहित अन्य परिवारीजन भी मौके पर आ गए।

एसओ ने बताया कि श्रवण मूलरूप से बाराबंकी के हैदरगढ़ त्रिवेदीगंज का रहने वाला था। वह राजधानी में अधिवक्ता अशोक सिन्हा के साथ प्रैक्टिस करता था और पांच साल से मंदिर के द्वितीय तल पर रह रहा था। वह मंदिर के पुजारी बंशीदास का खाना भी बनाता था।

बंशीदास ने कुछ दिन पहले ही बसंत पंचमी की पूजा-अर्चना के लिए मलिहाबाद से मयंक और राजकुमार को बुलाया था। सोमवार रात करीब नौ बजे श्रवण ने खाना पकाया। खाना खाने के बाद पुजारी और उनके सहयोगी प्रथम तल पर सोने चले गए। इसके बाद क्या हुआ? इस बारे में पुजारी और उनके सहयोगियों को नहीं मालूम।

परिवारीजनों के शक के आधार पर पुलिस विकास अरोड़ा, पुजारी और उनके सहयोगियों सहित सात लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में श्रवण के सिर की कई हड्डियां टूटी मिली हैं।

हत्यारों ने उसके सिर पर डंडे या अन्य किसी भारी वस्तु से प्रहार किए। पेट में कीचड़ भी मिला है जो नाली में पड़े होने से भीतर चला गया होगा। खरोंच के निशान देखकर संघर्ष की आशंका भी जताई जा रही है। पुलिस का यह भी मानना है कि हत्या कहीं और करने के बाद शव नाली में लाकर फेंका गया है।

मंदिर, नाली और छत के बीच छिपा हत्या का रहस्य

पुलिस का दावा है कि श्रवण की हत्या का रहस्य श्रीप्रणामी मंदिर, विकास अरोड़ा के मकान की छत और उसके घर के बाहर की नाली में छिपा हुआ है। श्रवण का शव करीब आठ इंच चौड़ी नाली में ऐसे पड़ा था जैसे उसे जबरन ठूंसा गया हो।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जिस जगह शव मिला है, वहां से मंदिर लगभग छह से आठ मीटर की दूरी पर है। छानबीन में पुलिस को विकास अरोड़ा के मकान की छत पर गंदगी व सूखी पानी की टंकी में बाल मिले।

एक शराब की बोतल और ढक्कन भी था। विकास ने बताया कि छत से पानी की निकासी वाला पाइप टूट गया था। पाइप को तीन-चार ईंटों से दबाकर रखा था। यह पाइप और ईंटें नीचे श्रवण के शव के पास मिलीं। पाइप और ईंटें नीचे कैसे पहुंची? शराब की बोतल और टंकी में बाल कहां से आए? इन सवालों के जवाब विकास नहीं दे सका। पुलिस ने टंकी में पड़े बाल फॉरेन्सिक जांच के लिए भेजे गए हैं।

नाजायज संबंध अथवा संपत्ति के विवाद का शक

सोमवार रात इलाके में ही सोनकर बैंक्वेट हॉल में एक शादी समारोह था। समारोह में आए लोगों ने बताया कि श्रवण को रात करीब दो बजे विकास के मकान की छत फांदते देखा गया था। इससे पुलिस नाजायज संबंधों में हत्या की आशंका जताते हुए छानबीन कर रही है।

पूछताछ में यह भी पता चला है कि पुजारी बंशीदास के दो बेटे देशराज और रामराज हैं, लेकिन वह श्रवण को काफी स्नेह करते थे। उनके बेटों को शक था कि पुजारी अपनी सारी जायदाद श्रवण के नाम कर सकते हैं। यही वजह थी कि वह श्रवण को पसंद नहीं करते थे।

मयंक ने मलिहाबाद की एक महिला को की 11 कॉल
मयंक ने सोमवार रात 10 से 11.30 बजे के बीच मलिहाबाद की एक महिला से 11 बार बातचीत की थी। यह खुलासा मयंक के मोबाइल फोन की छानबीन में हुआ। यह महिला कौन है। रात को उसे इतनी कॉल क्यों की गईं।

कहीं वारदात से उसका कोई संबंध तो नहीं। पुलिस ने बताया श्रवण के बाराबंकी स्थित घर पर पिता राम सजीवन, बड़े भाई बलराम, वासुदेव के अलावा पत्नी संजू देवी, बेटा प्रभाष उर्फ विनय तथा बेटी दिव्यांशी है। बलराम ने बताया कि रविवार को श्रवण घर गया था। सोमवार सुबह वह लखनऊ लौट गया। (अमर उजाला)


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