उज्जैन : नाबालिग को अपनी हवस का शिकार बनाने को लेकर आरोपित आसाराम बापू को निरमोही अखाड़ा से जुड़े साधुओं ने कलंक बताया है इतना ही नहीं आसाराम के आश्रम पर बुधवार को निरमोही अखाड़ा से जुड़े साधुओं ने हमला किया और तोड़-फोड़ की. निर्मोही अखाडे के संतों ने जेल में बंद आसाराम के आश्रम की भूमि में प्रवेश कर कल उसे अपने कब्जे में लिया और सिंहस्थ के दौरान अपने रहने के लिये गंगाजल से पवित्र किया.

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निर्मोही अखाडे के संत सुरेश दास जी महाराज ने बताया कि सिंहस्थ के लिये आशाराम आश्रम की जमीन जिला प्रशासन द्वारा कुछ दिन पहले अस्थाई तौर पर निर्मोही अखाडे को आवंटित की गई है. उन्होंने कहा कि आशाराम के समर्थक हमारे लिये आश्रम की भूमि नहीं छोड रहे थे. अब प्रशासन ने हमें यह जमीन यहां रुकने के लिये दी है. उन्होंने कहा कि हम आश्रम में गये और वहां से आशाराम के फोटो हटा दिया. आशाराम अपने किये के कारण संत कहलाने के लायक नहीं है और वह जेल में बंद हैं. उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के दौरान हमने अपने रुकने के लिये उस स्थान को गंगाजल छिडककर पवित्र किया है.

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आशाराम आश्रम के प्रबंधक रामजी मित्र ने कहा कि निर्मोही अखाडे के संतों ने हमारे पूजास्थल पर नियंत्रण कर लिया है. इस पर आगे की कार्रवाई के सवाल उन्होने कहा कि निर्मोही अखाडे के संतों के खिलाफ मामला दर्ज कराने की हमारी कोई योजना नहीं है. एक नाबालिग के यौन उत्पीडन के आरोप में आशाराम एक सितम्बर 2013 से न्यायिक हिरासत में हैं.

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खबर – प्रभातखबर 


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