देश भर में हिंदू और मुसलमानों के बीच व्याप्त एकता और भाईचारे को समाप्त करने के लिए सांप्रदायिक ताकतों की रोज नई-नई साजिशें सामने आती रहती है, बावजूद दोनों धर्मों के लोगों के बीच मौजूद प्रेम इन सांप्रदायिक ताकतों को हमेशा करारा जवाब देता है. ऐसी ही ये खबर है. जो ख़ित्ता-ए-वली (संतों की भूमि) मेरठ से जुडी है.

दरअसल मेरठ मुज़फ़्फ़रनगर रास्ते पर स्थित क़स्बा खतौली में एक सड़क दुर्घटना में शाकुम्भरी देवी के दर्शन से लौट रहे चार तीर्थ-यात्रियों की मौत हो गई थी. जिसके बाद स्थानीय मुसलमानों ने हिन्दू समाज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इनकी अर्थी को कांधा दिया और अंतिम संस्कार में मदद भी की.

और पढ़े -   योगी राज: गरीब और कुपोषित बच्चों का मिड-डे मील गायों को खिलाया जा रहा

इस हादसें में प्रवीण पुत्र अशोक, उनके माता-पिता और एक अन्य महिला सविता की मौत हो गई थी. ये सभी एक मुस्लिम बहुल क्षेत्र में रहते है. जैसे ही इनकी मौत की खबर क्षेत्र में फैली, चारो और सन्नाटा पसर गया.

ऐसे में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आकर अंतिम संस्कार की ज़िम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली. हिंदू समाज ने भी मुसलमानों की भावनाओं का सम्मान करते हुए उनका सहयोग किया. क़ाज़ी फ़सीह अख्तर के मुताबिक़ मुसलमानों ने अपने फ़र्ज़ को निभाया है, जो इंसानियत के प्रति उनकी जवाबदेही तय करता है. उम्मीद है कि इससे नफ़रत फैलाने वालों को सबक़ मिलेगा.

और पढ़े -   बिहार: उद्घाटन के दिन करोड़ों में बना बांध टूटा, तेजस्वी बोले - बांध भी चूहे कुतर गए क्या?

Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE