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रायसेन देश भर में असहिष्णुता के माहोल के बीच मध्यप्रदेश के रायसेन जिले के एक हिन्दू परिवार की ये कहानी सांप्रदायिक ताकतों के मुंह पर तमाचे से कम नहीं है।

रायसेन जिला मुख्यालय निवासी वंशकार परिवार पीढ़ियों से बिना नागा, रमजान के दौरान सेहरी के लिए यहां के मुस्लिम समाज के लोगो को अलसुबह जगाने का काम कर रहा है। यहां सेहरी से दो घंटा पहले रोजेदारों को जगाने के लिए नगाड़े बजाए जाते हैं, जिससे लोग समय से पहले तैयारी कर सकें। नगाड़े बजाने की इस परंपरा को वंशकार परिवार आज भी जीवित रखे हैं। ये नगाड़े किले की प्राचीर से बजाए जाते हैं।

परिवार के मुखिया सुनील वंशकार ने बताया कि रोजेदार मुस्लिम भाईयों-बहनों को रोजे के निर्धारित समय को बताने के लिए रात लगभग तीन बजे से नगाड़ा बजाया जाता है, ताकि वे समय से तैयारियां कर लें। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह परंपरा उनके पूर्वजों की है, जिसे परिवार के सदस्य आज भी निभा रहे हैं।

रात के सन्नाटे में इनकी आवाज मीलों दूर तक सुनाई देती है। वहीं रमजान के दौरान सेहरी (सुबह के समय) व इफ्तारी (शाम के वक्त) की सूचना देने के लिए किले की प्राचीर से तोप चलाए जाने की भी परंपरा है।


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