हाल ही ने मंदसौर में आंदोलन के दौरांन किसानों पर मध्यप्रदेश पुलिस की गोलीबारी ने देश भर का ध्यान खींचा था. इस घटना में 6 से ज्यादा किसानों की मौत हुई थी. जिसके बाद किसानों के लिए प्रदेश की शिवराज सरकार ने कई घोषणा भी की थी.

हालांकि शिवराज सरकार की घोषणाओं का कोई असर जमीन पर देखने को नहीं मिला. दरअसल किसानों की आत्महत्या का सिलसिला लगातार आज भी जारी है. मध्यप्रदेश में पिछले तेरह सालों में 15 हजार किसान आत्महत्या कर चुके है.

एनसीआरबी और एससीआरबी की रिपोर्ट के आधार पर गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि इन तेरह सालो में किसानों की सर्वाधिक 1022 आत्महत्या की घटनाएं सीधी जिले में हुईं.

आकड़ों के मुताबिक़ 2004 में 1638, 2005 में 1248, 2006 में 1375, 2007 में 1263, 2008 में 1379, 2009 में 1395, 2010 में 1237, 2011 में 1326, 2012 में 1172, 2013 में 1090, 2014 में 826, 2015 में 581, और 2016 में 599 किसानों ने खुदखुशी की.


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