अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठित एमबीबीएस/बीडीएस के प्रथम चरण की प्रवेश परीक्षा अलीगढ़ समेत देश के 11 शहरों में शांतिपूर्ण संपन्न हुई। एमबीबीएस की 145 एवं बीडीएस की 35 सीटों के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षा में 60 हजार 725 में से करीब 55 हजार 245 से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए। अलीगढ़ में 41 केंद्रों पर आयोजित परीक्षा में 17245 अभ्यर्थियों ने शिरकत की। यहां 1786 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। अलीगढ़ में कुल 19031 छात्र-छात्रा परीक्षा देने वाले थे। करीब आधी संख्या छात्राओं की है। एएमयू कैंपस स्थित आर्ट फैकल्टी में हस्ताक्षर नहीं मिलने के कारण एक अभ्यर्थी को कुछ समय के लिए प्रॉक्टर अॅाफिस के अधिकारियों द्वारा रोककर जांच पड़ताल की गई। अंगूठे का निशान एवं फोटो के मिलान के बाद उसे जाने दिया गया।

11 cities over 55 thousand candidates were included in the test

सह कुलपति सैयद अहमद अली, परीक्षा कंट्रोलर प्रो. जावेद अख्तर, रजिस्ट्रार डॉ. असफर अली खान, प्रॉक्टर प्रो. एम मोहसिन खान एवं डीएसडब्लू प्रो. अनीस इस्माईल ने विभिन्न टीमों के साथ केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान सह कुलपति ने अभिभावकों से भी बातचीत की। उन्हें यूनिवर्सिटी द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं से भी अवगत कराया। यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा परीक्षा का समय बढ़ाए जाने के बावजूद कुछ परीक्षार्थियों के देरी से पहुंचने के कारण उन्हें परीक्षा से वंचित रहना पड़ा। परीक्षा 11 से 2 बजे तक चली। परीक्षा कंट्रोलर प्रो. जावेद अख्तर ने कहा कि अलीगढ़ समेत देश के 11 शहरों में परीक्षाएं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न र्हुइं। अलीगढ़ में 17245 परीक्षार्थी शामिल हुए जबकि देश के अन्य शहरों में करीब 38 हजार परीक्षार्थियाें ने शिकरकत की। उन्होंने बताया  कि दूसरे चरण की परीक्षा 1 जून को अलीगढ़ में होगी।
और कही नहीं देखा ऐसा इंतजाम…
अलीगढ़। अपने बच्चों को एमबीबीएस व बीडीएस प्रवेश परीक्षा दिलाने पहुंचे अभिभावक परीक्षा केंद्र पर इंतजामिया का इंतजाम देखकर गदगद हो गए। स्टेशन से लेकर परीक्षा केंद्र तक इंतजामिया एवं गैर सरकारी संगठनों द्वारा अभ्यर्थी एवं उनके अभिभावकों के लिए टेंट, कुर्सी, ठंडे पानी एवं शर्बत आदि के इंतजाम किए गए थे। मानव उपकार संगठन द्वारा नि:शुल्क ठहरने एवं मार्गदर्शन का इंतजाम किया गया था। वहीं एएमयू छात्रों की संस्था सोच बियांड दी इमेजिनेशन, अमुटा, एसआईओ एवं अन्य संस्थाओं द्वारा शिविर लगाकर अभ्यर्थियों की मदद की गई। एएमयू कैंपस की हरियाली के कारण भी लोगों ने राहत महसूस की। पेड़ों के नीच बैठकर तीन घंटे का समय आराम से व्यतीत किया।
एएमयू में हर तरफ वाहन ही वाहन
अलीगढ़। एएमयू कैंपस एवं उसके आसपास के एरिया में वाहन ही वाहन नजर आते थे। एक अनुमान के अनुसार कैंपस एवं उसके आसपास रविवार को करीब तीन हजार से अधिक चार पहिया वाहनों का लोड था। परीक्षा केंद्रों के आसपास के एरिया में बड़ी संख्या में वाहन नजर आ रहे थे। दिल्ली, गाजियाबाद एवं फरीदाबाद समेत आसपास के प्रदेशों से लोग बड़ी संख्या में वाहन से आए थे। परीक्षा समाप्त होने के बाद एएमयू की मुख्य सड़क पर जाम का नजारा रहा। कंप्यूटर सेंटर से लेकर बाब-ए-सैयद एवं एएमयू सर्किल तक कुछ समय के लिए जाम का नजारा देखने को मिला। हालांकि एएमयू प्रॉक्टोरियल टीम ने स्टाफ क्लब के पास से यूनियन हॉल होते हुए फैज गेट की तरफ ट्रॉफिक मोड़ दिया। इसकी वजह से लोगों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई।
10 को दिन भर जाम.. 24 को क्या होगा..?
अलीगढ़ (ब्यूरो)। महानगर में रविवार को एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की प्रवेश परीक्षा के चलते यातायात व्यवस्था चरमराकर रह गई। हाल यह रहा कि परीक्षा शुरू होने से लेकर छूटने के बाद देर शाम तक शहर के कई इलाके जाम से जूझते रहे। इस दौरान पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों तक को खासी परेशानी हुई। खुद यातायात कर्मी मान रहे हैं कि पिछले कई साल बाद इस बार गाड़ियों की संख्या ने रिकार्ड तोड़ा है। अब आगामी 24 अप्रैल को प्रस्तावित बीटेक प्रवेश परीक्षा में और ज्यादा भीड़ में क्या होगा..? ये सवाल उठने लगे हैं। पुलिस प्रशासन ने जब 10 अप्रैल को जानकारी के बाद इंतजाम दुरुस्त नहीं किये तो 24 अप्रैल को कैसे व्यवस्थाएं दुरुस्त होंगी..? महानगर में एमबीबीएस परीक्षा को लेकर सुबह से ही भारी वाहनों की एंट्री प्रतिबंधित रखी गई थी। सिविल लाइंस के मैरिस रोड, अब्दुल्ला रोड पर भी वाहन प्रतिबंधित रखे गए थे। मैरिस रोड और लालडिग्गी पर पार्किंग के इंतजाम किए गए थे।
परीक्षा छूटने के बाद हर चौराहे पर यातायात कर्मी नियुक्त थे। इसके बाद भी परीक्षा छूटने के बाद सारसौल, बरौला पुल, कठपुला, रसलगंज, गांधीपार्क, घंटाघर, समद रोड, आगरा रोड कुछ ऐसे इलाके रहे, जहां जाम से लोग बेहाल रहे। देर शाम सात बजे तक पुलिस जाम खुलवाने में लगी रही। बरौला से सारसौल तक का हाल तो कुछ ऐसा रहा कि यहां खुद एसपी यातायात शाम सात बजे तक ट्रैफिक खुलवाने में लगे रहे। इसे लेकर टीएसआई शौर्य कुमार ने बताया कि एमबीबीएस परीक्षा में पिछले तीन साल में इतने वाहन नहीं आए। हर बार की तरह इंतजाम  किए गए थे। इस बार वाहनों की संख्या वाकई रिकार्ड तोड़ दी। अब आगामी परीक्षा में और अधिक इंतजाम किए जाएंगे। (amarujala.com)


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