लखनऊ: आमिर खान, शाहरुख़ खान के बाद बॉलीवुड के मशहूर फिल्म निर्माता-निर्देशक करण जौहर भी इन्टॉलरेंस पर दिए बयान को लेकर कानूनी पचड़े में फंस गए हैं. जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के दौरान इंटॉलरेंस पर दिए गए बयान के खिलाफ सोशल एक्टिविस्ट मोहम्मद अली उर्फ अली बाबा ने शनिवार को फैजाबाद कोर्ट में याचिका दाखिल की थी.

अब असहिष्‍णुता के बयान पर फंसे करण जौहर, केस दर्ज

चीफ ज्‍यूडिशियल मजिस्ट्रेट देवकांत शुक्ल ने पिटीशनर अली बाबा की अर्जी पर सुनवाई करते हुए करण जौहर के खिलाफ केस दर्ज कराने का आदेश दिया. इस मामले की अगली सुनवाई दो फरवरी को होगी. आपको बता दें कि हाल ही में करण जौहर ने डेमोक्रेसी और फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन को भारत में सबसे बड़ा मजाक बताया था. करण जौहर ने यह बयान जयपुर लिटरेचर फेस्ट में दिया था.

फेस्ट में शोभा डे से बातचीत के दौरान करण ने कहा, “आप मन की बात कहना चाहते हैं या अपनी निजी जिंदगी के राज खोलना चाहते हैं, तो भारत सबसे मुश्किल देश है.” उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि हमेशा कोई लीगल नोटिस उनका पीछा करता रहता है. किसी को पता नहीं कब उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो जाए.

”14 साल पहले मैंने नेशनल एंथम के अपमान का केस को झेला है. अपना पर्सनल ओपिनियन रखना और डेमोक्रेसी की बात करना, ये दोनों ही मजाक हैं. हम फ्रीडम ऑफ़ स्पीच की बात करते हैं पर अगर मैं एक सेलिब्रिटी होने के नाते अपनी राय रख भी दूं तो एक बड़ी कॉन्ट्रोवर्सी बन जाती है.”

आपको बता दें कि अभी पिछले हफ्ते ही नेशनल एंथम के अपमान मामले में करण जौहर को आरोप मुक्त किया गया था. हालांकि करण के इस बयान का एक्ट्रेस काजोल ने विरोध करते हुए कहा था कि बॉलीवुड में कोई इन्टॉलरेंस नहीं है. जबकि फिल्म निर्माता महेश भट्ट ने करण जौहर की बात का समर्थन करते हुए कहा था कि यह एक सच्चाई है.

बहुत कुर्बानियों के बाद मिली डेमोक्रेसी: याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में कहा है कि बहुत कुर्बानियों के बाद डेमोक्रेसी प्राप्त हुई है. देश की डेमोक्रेसी विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका जैसी सक्षम व्यवस्था के कंधों पर है. यदि मीडिया को जोइ़ दिया जाए तो चार खम्भों पर खड़ी डेमोक्रेसी को मजाक कहना, भारत की सम्प्रभुता का मजाक उड़ाना है. यह गंभीर किस्म का अपराध है. करण जौहर का बयान विधायिका, कार्यपालिका एवं न्यायपालिका की गरिमा को प्रभावित करने वाला है. इसे कोई भारतीय बर्दाश्त नहीं कर सकता है. इसी के साथ कोई राष्ट्रप्रेमी भी इस अमर्यादित बयान को सुनकर खामोश नही बैठ सकता है. साभार: न्यूज़ 18


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