कोहराम न्यूज़ ने कल अपने ऑनलाइन सर्वे में देश के मुस्लिम युवाओं से हज सब्सिडी को लेकर एक सवाल पूछा था जिसमे कोहराम न्यूज़ के जागरूक पाठकों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया. कुछ युवाओं ने खुलकर अपनी राय रखी वहीँ कुछ लोग युवाओं का कहना था की इस तरह के मुद्दों को सिर्फ इसलिए उठाया जा रहा है जिससे की कोई विकास को लेकर सवाल ना पूछ सके.

क्या था सवाल ? 

कोहराम न्यूज़ के ऑफिसियल फेसबुक पेज से पाठकों से पूछा गया था की
क्या आपको लगता है की मुस्लिम समुदाय को स्वेच्छा से हज सब्सिडी त्याग देनी चाहिए ?
अपना जवाब कमेंट बॉक्स में लिखें

वैसे तो इस सवाल के जवाब पर मुस्लिम युवाओं में होड़ लगी हुई थी लोग अधिक से अधिक अपनी बात रखना चाह रहे थे लेकिन यहाँ पर हम उन्ही कमेंट का उल्लेख करेंगे जिन्होंने अपनी बात साफ़-साफ़, तर्क के साथ रखी है.

सबसे पहले ज़हिदुर रहमान का कहना है की “सब्सिडी के नाम पर गोरखधन्दा होता है, मुस्लिम समाज को अपनी पसंद के एयरलाइन्स में जाने की छूट होनी चहिये”

एक अन्य यूजर जावेद नकवी का कहना है की “हाँ बिलकुल भी हज सब्सिडी नही लेनी चाहिए क्यों की इस का कोई भी फायदा मुस्लिम समाज को नही पहुँचता है, अगर किसी को फायदा होता है तो वो सिर्फ राजनितिक पार्टियों को”

हबीब अहमद पटेल का कहना है की “हज सब्सिडी मात्र एक दिखावा है इससे मुसलमानों को नही बल्कि एयर इंडिया और भारत सरकार को फायदा पहुँचता है”

वहीँ एक पाठक नाजिम खान ने बहुत अच्छा सुझाव दिया, उनका कहना है की हमारी हज सब्सिडी का पैसा गरीबो, मजलूमों और शिक्षा पर खर्च होना चाहिए

 


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