चेन्नई में लगातार दो दिन से हो रही बारिश से बुधवार की सुबह लोगों को थोड़ी राहत मिली. चेन्नई से सटे कांचीपुरम में सूरज की हल्की रोशनी भी दिखाई दी. हालांकि मौसम विभाग ने बुधवार शाम से फिर भारी बारिश का अनुमान लगाया है.

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भारी बारिश के कारण चेन्नई के चार ज़िलों में आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. मौसम विभाग के मुताबिक़ पिछले 24 घंटे में चेन्नई में 30 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई.

चेन्नई एयरपोर्ट पर पानी भर जाने के कारण कई उड़ानों को रद्द कर दिया गया है. और आने वाली उड़ानों को हैदराबाद, बैंगलूरु और विजयवाड़ा की तरफ़ मोड़ दिया है.

चेन्नई एयरपोर्ट के निदेशक के मुताबिक़ अभी सभी विमानें रद्द कर दी गई हैं. एयरपोर्ट पर अभी भी पानी भरा हुआ है. हज़ारों की संख्या में यात्री एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं.

एयरपोर्ट खोले जाने को लेकर फ़ैसला गुरुवार को किए जाने की उम्मीद है.

इस बीच चेन्नई में भारी बारिश से पैदा हालात से निपटने के लिए सेना, नौसेना और राष्ट्रीय आपदा बल की पांच टीमें मौजूद है.

आंध्रप्रदेश के गुंटुर और बेंगलूरु के राष्ट्रीय आपदा बल की टीमें भी चेन्नई पहुंच रही है. दिल्ली और असम की टीमों को भी तैयार रहने को कहा गया है.

ट्रेनें और बस सेवा भी बुरी तरह प्रभावित हुई है. अलग-अलग जगहों पर फंसे लोग असहाय महसूस कर रहे हैं.

बस के जरिए चेन्नई शहर में प्रवेश करना बेहद कठिन हो गया है. सड़कों पर पानी के तेज़ बहाव के कारण गाड़ियों का चलना भी बहुत मुश्किल हो रहा है. कई ट्रेनों के रद्द होने के कारण भी हज़ारों यात्री कई स्थानों पर फंसे हुए हैं. कई ट्रेनों के रास्ता बदल देने के कारण भी यात्रियों को परेशानी हो रही है.

लोकल ट्रेन से सफ़र करने वाले यात्री भी विभिन्न स्टेशनों पर खड़े हैं और इस बात की शिकायत कर रहे हैं कि उन्हें किसी भी तरह की सुविधा नहीं मिल रही है.

लगातार हुई बारिश से लोग भारी मुश्किलों से गुज़र रहे हैं. लोग ऊंचाईयों पर जाने की कोशिश कर रहे हैं.

पिछले शाम से तंबरम में फंसे हुए सरकारी कर्मचारी एस विश्वनाथन कहते हैं कि जब स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं तो सरकारी दफ़्तरों, फ़ैक्ट्रियों और अन्य दफ़्तरों को बंद क्यों नहीं किया जा रहा? जबकि वह देख रहे हैं कि सबकुछ पानी में है और बाहर निकलना कितना कठिन है.

उनकी तरह कई लोग ऐसे हैं जो मंगलवार की शाम से अब तक अपने घर नहीं पहुंच पाए हैं.

इस बीच वरिष्ठ पत्रकार इमरान क़ुरैशी ने यह जानकारी दी है कि अब तक के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि किसी दिन वहां का लोकप्रिय अख़बार ‘द हिंदू’ नहीं प्रकाशित हुआ हो.

लेकिन भारी बारिश ने 1878 से लगातार प्रकाशित होने वाले इस अख़बार के प्रकाशन को भी प्रभावित कर दिया है.

हिंदू अख़बार के प्रकाशक कस्तूरी एंड सन्स के सह-अध्यक्ष एन मुरली ने बीबीसी को बताया, ”बारिश के कारण हमारे 137 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि हम अख़बार नहीं निकाल पाए.”

मुरली ने बताया कि मरियामलाइनागर शहर से 30 किलोमीटर दूर हिंदू का प्लांट है जहां पानी भर गया था. उनके अनुसार प्लांट चलाने वाले स्टाफ़ बारिश के कारण वहां पहुंच ही नहीं पाए.


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