अमृतसर का स्वर्ण मंदिर जो हरमंदिर साहिब और दरबार साहिब के नाम से भी जाना जाता है. स्वर्ण मंदिर को सिखों के मक्का की मान्यता हासिल है. सिख समाज में इसे ‘अथ सत तीरथ’ यानी सच्चा तीर्थ का दर्जा दिया गया है. अपनी विशिष्ट वास्तुकला के माध्यम से स्वर्ण मंदिर समूची दुनिया को सिख धर्म की सहनशीलता और विभिन्न धर्मों के प्रति सहज स्वीकार्यता का दिव्य संदेश दे रहा है. यूं तो यह सिखों का गुरुद्वारा है, लेकिन इसके नाम में मंदिर शब्द का जुड़ना स्पष्ट करता है कि भारत में सभी धर्मों को एक समान माना जाता है. गौरतलब हो कि श्री हरमंदिर साहिब की नींव एक मुसलमान ने ही रखी थी.

सिखों के अलावा भी यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में विभिन्न धर्मों से जुड़े श्रद्धालु मत्था टेकने आते हैं.

इस गुरुद्वारे का बाहरी हिस्सा सोने का बना हुआ है.

इसीलिए इसे स्वर्ण मंदिर अथवा गोल्डन टेंपल के नाम से भी जाना जाता है.

स्वर्ण मंदिर को सिखों का मक्का भी कहा जाता है. साभार:


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment

Related Posts

loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें
SHARE