दिनेश मिश्रा, वाराणसी  सड़क से संसद तक सहिष्णुता और असहिष्णुता को लेकर जिस तरह हंगामा हो रहा है, उस बीच फिल्म अभिनेता आमिर खान ने मुल्क छोड़ने की बात कहकर माहौल गर्म कर दिया। ऐसे माहौल में मिर्जापुर जिले के मोहम्मद इस्लाम गंगा-जमुनी तहजीब के नजीर बन गए हैं।

 

पांच वक्त के नमाजी इस्लाम पिछले तीस सालों से रोजाना रामायण का पाठ करते हैं। वह कहते हैं कि जिस दिन पाठ नहीं होता, नींद नहीं आती है। आमिर के मुल्क छोड़ने के बयान से इत्तेफाक न रखने वाले इस्लाम का कहना है कि सहिष्णुता और असहिष्णुता जैसे भारी भरकम लफ्ज नेताओं को ओढ़ने-बिछाने दीजिए।

मोहम्मद इस्लाम को जितना लगाव कुरान से है, उतना ही रामचरित मानस से भी है। मिर्जापुर जिले के पड़री थाना क्षेत्र के धर्मदेवा इलाके के निवासी इस्लाम के रामायण के प्रति प्रेम को देखकर उन्हें हिंदुओं के घर मानस पाठ के लिए बुलाया जाता है। अब तो उन्हें रामचरित मानस का बड़ा हिस्सा जुबानी याद भी हो गया है।

रामायण के साथ-साथ गोसेवा के प्रति इस्लाम का प्रेम उनके घर बंधी गायों को देखकर लगाया जा सकता है। रामचरित मानस को याद करने के साथ जिस अंदाज में वह पूजा के दौरान गाते है, उसको लेकर उनकी प्रसिद्धि जिले के बाहर भी हो गई है।

इस्लाम बताते हैं कि उन्होंने पहली बार नजदीक के मंदिर में रामायण का पाठ सुना था, जिसके बाद उन्हें यह इतना भाया कि वह इसे लगातार पढ़ने लगे। जल्द ही वह मंदिर में होने वाले मानस पाठ में हिस्सा लेने लगे। आज वह रामायण पढ़ते हैं और मस्जिद में पांचों वक्त की नमाज पढ़ने जाते हैं। उनका कहना है कि किसी भी हिंदू घर में उन्हें बेगानेपन का अहसास नहीं हुआ। हर जगह प्यार ही मिला। इस्लाम अब तक कोलकाता, मेरठ समेत कई शहरों में मानस का पाठ कर चुके हैं। अब उन्हें सिलिगुड़ी से बुलावा आया है।

मुझे अब्बा पर बहुत गर्व है: कलाम: ‘देश में हिंदू-मुस्लिम के बीच खाई बढ़ाने का काम नेता करते हैं। मुझे अपने अब्बा पर गर्व है कि वह आज जिस घर में जाते हैं, उनको इज्जत मिलती है।’ यह कहना है इस्लाम के बड़े लड़के मोहम्मद कलाम का। कलाम का कहना है आज लोग धर्म के नाम पर पता नहीं क्यों लड़ते हैं। ऐसे लोगो के लिए मेरे पिता प्रेरणा हैं। साभार: नवभारत टाइम्स


लाइक करें :-


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें

कमेंट ज़रूर करें