नई दिल्ली, । अरुणाचल जस्टिस फ़ोरम (एजेएफ़) ने अरुणाचल प्रदेश की नबम टुकी सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। फ़ोरम का कहना है कि प्रदेश में ढांचागत और अन्य विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री नबम टुकी ने 6 से 10 हज़ार करोड़ रुपए का घपला किया है या फिर इस रक़म के विकास कार्यों की बंदरबाँट अपने ही परिवार में कर दी। फ़ोरम के बैनर तले पिछली 14 नवम्बर से नई दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना जारी है। अगर फ़ोरम अपनी बात को बहुत मज़बूती से उठाने में कामयाब रहती है और मुख्यमंत्री के परिवारवाद से तंग कुछ कांग्रेसी विधायक ख़ेमा बदल कर यदि अरुणाचल जस्टिस फ़ोरम के साथ आ जाते हैं तो सरकार के लिए यह ख़तरे की घंटी भी बन सकते हैं। फ़ोरम ने अपनी माँगे नहीं माने जाने तक दिल्ली में धरना जारी रखने की बात कही है और ‘इंडिया अंगेस्ट करप्शन’ ने भी एजेएफ़ को समर्थन दे दिया है।

अरुणाचल जस्टिस फ़ोरम (एजेएफ़) के अध्यक्ष नबम टगाम की अगुवाई में चल रहे धरने में ना सिर्फ़ अरुणाचल प्रदेश के लोग बल्कि इंडिया अंगेस्ट करप्शन, स्वतंत्र स्वयंसेवक, बुद्धिजीवी और काफ़ी संख्या में मुक्त कार्यकर्ता भी आगे आ गए हैं। टगाम ने प्रधानमंत्री और सभी संबद्ध मंत्रालयों के नाम लिखे गए ज्ञापन में कहा है कि अरुणाचल प्रदेश की सरकार ने मुख्यमंत्री के परिवार वालों के साथ विकास मद की बंदरबाँट की है। टगाम का आरोप है कि विकास कार्यों के ठेके मुख्यमंत्री के परिवार वालों के नाम से बनाई गई फ़र्ज़ी फ़र्मों को दे दिए गए जिसमें उनकी पत्नी नबम यानी, मुख्यमंत्री के छोटे भाई नबम तगाम और नबम हरी और मुख्यमंत्री की सालियाँ और दोनों भाइयों की पत्नियों नबम आका और नबम मैरी शेयर होल्डर हैं। यही नहीं गुवाहाटी हाईकोर्ट ने अपने आदेश में मुख्यमंत्री और इनके परिवार के स्टैक होल्डिंग कम्पनी को ठेके देने से मना किया गया है लेकिन अदालत के आदेश के विरुद्ध मुख्यमंत्री लगातार ठेके अवॉर्ड कर रहे हैं। इससे पहले अप्रैल माह में विपक्ष के नेता तामियो टागा की अगुवाई में प्रदेश के निर्वाचित भारतीय जनता पार्टी के विधायक भी भारत के वित्त मंत्री अरुण जेटली से शिकायत कर चुके हैं और उन्होंने नबम टुकी सरकार पर गंभीर वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप लगाए हैं। फ़ोरम ने मुख्यमंत्री के भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ सीबीआई जाँच शुरू करने की माँग भी की है।

क्या हैं आरोप?

अरुणाचल जस्टिस फ़ोरम (एजेएफ़) के ज्ञापन में मुख्यमंत्री पर यह आरोप लगाए गए हैं।

– मुख्यमंत्री नबम टुकी ने करोड़ों रुपए के ठेके अपने परिवार वालों को ही बाँट दिए।

– परिवार में मुख्यमंत्री के अलावा इनकी पत्नी, भाइयों,  भाभियों और साले को ठेके बाँटे गए हैं।

– खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री रहते हुए नबम टुकी तत्कालीन खाद्य और नागरिक आपूर्ति निदेशक डॉ. एन एन ओसिक से बैंक खाते में 30 लाख रुपए लिए।

– सरकारी ख़ज़ाने में भारी हेराफ़ेरी की गई है।

– विशेष और आपदा मद से भारत सरकार द्वारा दी गई रक़म में भारी हेराफेरी की गई।

– परियोजना और केन्द्रीय योजनाओं के पैसे को लूटा गया।


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