मध्यप्रदेश के छोटे से गांव राजनंदगांव में पले बढ़े बहादुर अली के पिता की मृत्यु उनके जीवन का टर्निग पॉइंट साबित हुई। छोटी आयु में ही सिर से पिता का साया उठ जाने के बाद परिवार के पालन पोषण की जिम्मेदारी उठाते हुए बहादुर अली ने पोल्ट्री का बिजनेस शुरू किया। धीरे धीरे बहादुर ने पोल्ट्री फीड बिजनेस और सोयाबीन प्रोसेसिंग भी शुरू कर दी जिससे उनके लिए प्रोटीन मार्केट ने बाहें खोल दी। आज उनकी कंपनी द इंडिया ब्रॉयलर ग्रुप 2200 करोड़ का टर्नओवर देने वाली कंपनी बन गई। बहादुर अली ने वर्ष 1985 में महज 100 पक्षियों के साथ पोल्ट्री बिजनेस में कदम रखा था।

छोटे बड़े एक्सपीरिएंस से सीखते सीखते उन्होंने वर्ष 1999 में पहला पोल्ट्री फीड प्लांट शुरू किया। इसके बाद वर्ष 2006 में पहली सॉल्वेंट एक्स्ट्रैक्शन प्लांट की शुरूआत की। फिर वर्ष 2007 में ऑयल रिफाइनरी, 2008 में फिश फीड प्लांट भी लगाया और वर्ष 2010 में ड्रूल्स नाम से हाई प्रोटीन पेट फूड ब्रांड की शुरूआत की।

इस बिजनेस को बहादुर ने अपने भाई सुल्तान अली के साथ मिलकर इन बुलंदियों तक पहुंचाया है। धीरे धीरे दोनों भाईयों ने अपने बेटों जीशान बहादुर और फाहिम सुल्तान को भी इस बिजनेस में शामिल कर लिया। आज उनकी कंपनी में करीब 8000 कर्मचारी कार्यरत हैं और यह गिनती हर साल 10 फीसदी से बढ़ रही है।

बहादुर अली ने बताया, “उनकी कंपनी सालाना 30 प्रतिशत की ग्रोथ के साथ बढ़ रही है।” कं पनी को वर्ष 2015 के लिए एशियन पोल्ट्री ब्रीडिंग पर्सनेलिटी का भी अवॉर्ड मिला है। साभार: snackyyindia


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