2006 में मुंबई ट्रेन ब्लास्ट मामले में बरी किए गए अब्दुल वाहिद का कहना है कि सभी गिरफ़्तारियां झूठी हैं.अब्दुल वाहिद का कहना है कि सभी 12 लोगों को एटीएस फंसा रही है और उनके बयान टॉर्चर के बाद ज़बरदस्ती लिए गए थे.

बुधवार को जब अदालत मुंबई ट्रेन ब्लास्ट मामले में 12 दोषियों को सज़ा सुना रही थी तब अब्दुल वाहिद अदालत में इनकी रिहाई के लिए दुआ मांग रहे थे.11 सितंबर को अब्दुल वाहिद दिन मोहम्मद शेख़ को अदालत ने बरी किया था. वो अकेले हैं जिन्हें अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी किया है. मुंबई में अब्दुल वाहिद ने कहा, “मैं नौ साल से जेल में बंद था. मुझे पूरी तरह मालूम है कि यह केस ग़लत है. सभी 12 लोगों को एटीएस फंसा रही है. “

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‘साधवी प्रज्ञा कहें तो कोई मैनुअल नहीं लेकिन…’

मुबंई ट्रेन ब्लास्ट

अब्दुल ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि इन लोगों को भी बरी किया जाएगा लेकिन सज़ा से वो काफ़ी निराश हैं.

दोषियों के पाकिस्तान से संबंध होने की बात को अब्दुल वाहिद ने झूठ क़रार दिया.

उन्होंने कहा, “जब भी हमने अदालत में टॉर्चर और कुबूलनामे पर जबरन दस्तख़त लेने की शिकायत की, तो हमें कहा गया कि ये लोग अल-क़ायदा के मैनुअल पर चलते हैं. जबकि अदालत में अब तक कोई मैनुअल पेश नहीं किया गया.”

अब्दुल वाहिद का कहना है, ”साधवी प्रज्ञा अगर शिकायत करें या अस्पताल जाने की अर्ज़ी दें तो वहां जेल मैनुअल या अल-क़ायदा मैनुअल नहीं होता. लेकिन जब हम कहें तो अल-क़ायदा मैनुअल रखकर हमारे सारे बिंदुओं को ख़ारिज कर देते हैं.”

‘सरकारी गवाह नहीं बनने पर मारा गया’

अब्दुल वाहिद

अब्दुल वाहिद ने आरोप लगाया कि उन्हें अंडा सेल में रखा गया और बहुत टॉर्चर किया गया.

उन्होंने कहा, “जेल में जाने के एक साल बाद एटीएस अफ़सरों के कहने पर हमें मारा गया क्योंकि हम सरकारी गवाह बनने के लिए तैयार नहीं थे.”

मुंबई ब्लास्ट केस

अब्दुल वाहिद का आरोप है कि जेल में बंद लोगों के परिवार वालों को भी परेशान किया गया.

उनके मुताबिक़ गवंडी के रहने वाले मोहम्मद अली के घर पर पुलिस बार बार जाती थी और उनके बेटे को भी पीटा गया.

‘जेल में बंद भाईयों को बचाना ही मक़सद’

अब्दुल वाहिद ने बताया, “मामले से बरी किए जाने के बाद वो राहत महसूस कर रहे हैं लेकिन ग़लत तरीक़े से फंसाए गए दोषियों को छुड़ाना ही अब मेरा मक़सद है.”

अब्दुल वाहिद के साले साजिद अंसारी को मुंबई ट्रेन ब्लास्ट मामले में उम्र क़ैद की सज़ा दी गई है.

खबर बीबीसी हिंदी 


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