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इस्लाम धर्म के ऐतबार से बैतुल मक़्दस (मस्जिद-ए-अक़्सा) जो जेरूसलम में मौजूद है, हमेशा से ही एक महत्वपूर्ण मस्जिद रही हैं. यहूदियों के अनुसार यहाँ पर सुलेमान अलैहे अस सलाम ने एक बहुत बड़ी इबादत गह बनायीं थी जिसके कारण वो मस्जिद-ए-अक़्सा को तोड़कर फिरसे इसे वैसे ही इबादत गह बनाना चाहते हैं. जिसके लिए उन्होंने एक जंग का ऐलान किया.

आइये आपको बताते हैं, इस्लाम धर्म की सबसे बड़ी जंगो में से एक, जिसको लीड किया इस्लाम धर्म में कहे जाने वाले टाइगर ऑफ़ इस्लाम, सुल्तान सलाउद्दीन अय्यूबी, अलेह रहमुत्र रहमान. जिन्होंने 90 साल बाद जेरूसलम की ज़मीन पर क़दम रखा और फ़तेह हासिल कर मस्जि-ए-अक़्सा को एक बार फिरसे इस्लामिक हुकूमतों के हवाले कर दिया.

मुस्लमानो से लड़ने के लिए अपनाई गयी स्ट्रैटजी-
सलीबी जंगे इंसानी तरीक का एक गैर मामूली वाक्या हैं. 200 साल तक चली यह जंगे पूरी दुनिया हक़ीक़ी मनो में एक आलमी जंग में गिरफ्तार हो गयी. इन 200 सालो में इतनी खून-गारत हुई की इससे पहले कभी इतनी बर्बादी नहीं हुई. इस सलीब जंगो को जुनूबी जंगे कहते है. क्योकि इन जंगो में लड़ने के लिए लोगो के दिल में मज़हब का जूनून सर पर चढ़ा दिया गया था.
मुस्लमानो से जंग लड़ने के लिए मग़रिबी मुमालिक में जो इतिहाद किया गया था, उसमे बजेन्टेनी रियासत भी उसका हिस्सा बानी उसकी एक वजह यह रही क्योकि यह रियासत मुस्लमानो से पिछले 100 सालो से पराजित होते रहे थे और i अंदर अकेले जंग लड़ने की ताक़त नहीं बची थी. पिछली शिकस्त में हार के बाद उनको यह लगा कि मुस्लमान कोन्या को अपना मरकज़ बना चुके धीरे-धीरे इस्तांबुल कि तरफ़ बढ़ेंगे और जिससे बजेन्टेनी रियासत की मौत निश्चित हो जाएगी.

बजेन्टेनी रियासत ने अपनी सरहदों को महफूज़ करने कि लिए चढ़ाई 1.5 लाख मुस्लमानो को बली-
बजेन्टेनी रियासत इस दर से पूरे क्रिस्टन समाज में यह फलाना शुरू कर दिया की इस्लाम ईसाई धर्म के लिए खतरा है और मुस्लमान बेवजह ईसाइयों को मार रहे हैं. यह मामला सुन कर मगरिब मुमालिकों के पॉप ने यह फैसला किया कि अब हम इस जंग में मुस्लमानो का निस्तो-नाबूत करेंगे. बजेन्टेनी रियासत कि जंग लड़ने का मक़सद सिर्फ इतना था कि वह उन जगहों को कब्ज़ा कर ले जिनको वह जंगो कि दौरान हासिल करना चाहते थे और अपनी मशरिक़ी (ईस्टर्न) सरहदों को महफूज़ करना चाहते थे, लेकिन उनको इस बात का इल्म नहीं था कि सरहदों को महफूज़ करने कि लिए शुरू की गयी लड़ाई से ऐसी आग भड़केगी जिससे अगले 200 सालो तक तकरीबन 1.5 लाख मुस्लमानो को जान लेगी.

यूरोप में पिछली जंगो में शिकस्त झेलने कि बाद तमाम मग़रिबी ईसाईयों को ज़िल्लत झेलनी पड़ी थी और जिसके बाद रोम में बैठे पोप, फ्रांस, जर्मनी, स्पेन और इंग्लैंड और पूरी ईसाई दुनिया को इस बात का मरहला भी था कि मुस्लमानो को स्पेन से निकालते- निकालते रह गए. इसी बात का फायदा उठा कर बजेन्टेनी रियासत ने मग़रिबी मुमालिकों कि इसाईओं और हुकूमत को यह मश्वरह भेजा कि आप यहाँ इस्तांबुल आइये और यहाँ से अपनी जंग लड़िये.

पीटर हर्मिट ने कैसे भड़काया-

इसके बाद पीटर हर्मिट नाम का एक पुजारी पूरे यूरोप में फ़ैल गया और यह अफवाहे फैला दी कि मुस्लमान जेरूसलम में ईसाईयों को मार रहे हैं. जिसने लोगो को भड़काकर उनके दिमाग में यह भर दिया कि हम बैतुल मक़्दस को को आज़ाद कराएंगे और मुस्लमानो को सबक सिखाएंगे.

जिसके बाद पूरे यूरोप में आग लगा दी गए जिससे पचास हज़ार लोग सड़कों पर आ गए और पीटर हर्मिट के काफिले में शामिल हो गए और जंग लड़ने कि लिए इंस्तांबुल की तरफ आगे बढ़ने लगे.इसके साथ ही उनको यह मालूम था कि ईसाईयों की तरह बैतुल मक़्दस यहूदियों के लिए भी एक मुत्तबरृक जगह हैं. यहूदियों कि मुताबिक बैतुल मक़्दस वो जगह हैं जहां पैगम्बर सुलेमान अलेह अस सलाम ने बहुत बड़ी इबादत गह बनायीं थी जिसको टेम्पल ऑफ़ सोलोमन कि नाम से भी जाना जाता हैं. यहूदियों की हमेशा से यह ख्वाहिश रही थी के वह कि मस्जिद-ए-अक़्सा को शहीद करके फिरसे यहाँ पर टेम्पल ऑफ़ सोलोमन बनाए. और इसराइल कि वह रियासत कायम कि जाये जैसे इनके अक़ीदे कि मुताबिक एक समय पर हुआ करती थी.

यहूदियों ने देखा कि पूरी ईसाईयत मुस्लमानो को मिटाने की कोशिश कर रहा है तो इस मौके को सही जान कर यहूदियों ने और यह फैसल किया की वह इस तूफ़ान को इस्तेमाल करके बैतुल मक़्दस को हासिल करेंगे.
तीन समूहों ने मिलकर, जिसमे बजेन्टेनी रियासत, सलीबी हुकूमत और यूरोपियन बादशाहो के साथ पोप भी शामिल थे,
जिसके बाद 1050 में सबसे पहले सलीबी जंग का ऐलान किया गया, जिसके बाद लघभग एक लाख मुस्लमानो को मौत के घात उतार दिया गया. बच्चों और औरतों को इस तरह मर गया जिसका पर मंज़र सुन आप के भी होश उड़ जाएंगे.

Web-Title: So here, is what the history of Palestine , how the Jews were in the power off.

Key-Words: Jerusalem, Muslims, Islam, Sultan Sal Uddin Ayubi, crusaders, jews, Christan

देखे वीडियो और जाने इसके बाद कैसे सुलतान सलाउद्दीन अयूबी अलेह रहमतुर रहमान ने दुश्मनो को शिकस्त दी. 

 

 


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