दिल्ली में हाई कोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण हटाने के नाम पर डीडीऐ की एक तरफ़ा कार्यवाही  -मस्जिदें और दरगाहो की दीवारे उनकी ज़मीने नहीं महफूज़ ! वक्फ बोर्ड में नहीं है चेयरमैन ! मीडिया में भी सन्नाटा !

20 जुलाई 2017 – कोहराम न्यूज़ नेटवर्क

दिल्ली विकास प्राधिकरण द्वारा 10 जुलाई को दिल्ली में तिकोना पार्क कब्रिस्तान में सैकड़ों वर्ष पुरानी वक्फ की ज़मीन से अतिक्रमण हटाने के नाम पर मस्जिदों और दरगाहों की छतों और दीवारों को ध्वस्त कर दिया गया है . इसमें सबसे ज्यादा नुक्सान इमादुददिन फिरदौस सुहरवर्दी की सात सौ साल पुरानी दरगाह और इससे से लगी मस्जिद अल फिरदौस को हुआ है! साथ ही इलाही मस्जिद के मदरसे को और कई पुरानी मजारों की इमारतों को नुकसान पहुंचा है!

क्या है मामला ?

यह जगह  हज़रत निजामुद्दीन इलाके में ओबेराय होटल के सामने स्थित है और चारो तरफ कब्रिस्तान दिखाई देते हैं ! दरगाह खुद ही 708 वर्ष से पुरानी है और यहाँ के गद्दीनशीन खालिद मियां ने बताया कि हज़रत इमादुददिन फिरदौस कादरी बहुत पुराने बुज़ुर्ग हैं और वह पीढ़ी दर पीढ़ी यहाँ खिदमत करते हैं और परिवार के साथ रहते आये हैं आप ही ने हज़रत निजामुद्दीन औलिया की नमाज़े जनाज़ा पढाई थी ! यहाँ उनका घर भी तोड़ दिया गया है!

पत्रकार रितिका भाटिया दिसम्बर 2014 में इकनोमिक टाइम्स अखबार  में दिल्ली के सूफी बुजुर्गों पर लिखे अपने आर्टिकल में बताती हैं कि हज़रत शेख इमामुद्दीन की दरगाह का निर्माण सुल्तान फ़िरोजशाह तुग़लक ने 1325 ईस्वी में कराया था और आप मशहूर बुज़ुर्ग शेख रुकनुद्दीन फिरदौसी के शिष्य थे और हज़रत अमीर ख़ुसरो खुद यहाँ चलकर शेख इमामुद्दीन फ़िरदौसी से मुलाक़ात करने और इल्म पर तजकिरा करने आते थे ! आर्टिकल यहाँ पढ़ा जा सकता है !   साथ ही दरगाह लगे पत्थर में  में आप के इन्तेकाल की तारीख 730 हिजरी दर्ज है जिसके हिसाब से दरगाह ख़ुद 708 साल पुरानीं हुई क्यूंकि इस्लामी हिजरी का यह 1438वा साल है !

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बीस जुलाई को जोहर की नमाज़ पढ़ते इलाके के मुस्लमान

सरकारी गैजेट के रिकॉर्ड के अनुसार यह कब्रिस्तान 100 से अधिक वर्ष पुराना है. इसी कब्रिस्तान में 3 मस्जिद और 2 दरगाहें स्थित हैं और बहुत सी पुरानी क़ब्रे हैं. यह पूरा कब्रिस्तान दिल्ली वक्फ बोर्ड की संपत्ति के तहत सूचीबद्ध है, जिस पर मस्जिद और दरगाह का निर्माण किया गया है!

जबकि DDA के अनुसार यह जगह उसके L&D के रिकॉर्ड में है और यह पार्क थी सब अवैध कब्जे हैं ! ओबेराय होटल जिसका नया निर्माण हो रहा है उसके सामने स्थित इस ज़मीन पर इन्हें यहां से हटाने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय में जनहित याचिका 2015 में दायर की गई थी. इस जनहित याचिका पर अदालत के आदेश के अनुसार कार्रवाई करते हुए दिल्ली विकास प्राधिकरण ने 16 मई, 2017 को इन घरों को ध्वस्त कर दिया. लेकिन इन घरो को ध्वस्त करने के क्रम में डीडीए के बुलडोज़रों ने आसपास के इलाकों में कुछ पुरानी और 30 साल पुरानी पक्की इमारते जो दरगाह और मस्जिद से लगती हुई थी उनको भी क्षति पहुंचा दी. इन बुलडोज़रों ने जिन पक्के निर्माणों को क्षति पहुंचाई उन में दरगाह हजरत शेख हज़रत इमादुददिन फिरदौस सुहरवर्दी और मस्जिद अल फ़िरदौस शामिल थे जिनकी पूरी तारिख इतिहास में दर्ज है

मामले को और बदतर बनाते हुए डीडीए ने तिकोना के कब्रिस्तान में स्थित अन्य दरगाह और मस्जिदों को निशाना बनाते हुए कारवाही की! मस्जिदे इलाही और दरगाह हजरत इमामुद्दीन फिरदौसी के ज़िम्मेदारानो ने इस करवाही पर हाई कोर्ट का रुख किया और पुराने बने हुए मस्जिद, कब्र और मज़ारो को शहीद करने पर आपत्ति दर्ज कराई ! हाई कोर्ट ने अगली तारिख 24 जुलाई दी गयी थी मगर इससे पहले ही DDA ने 10 जुलाई को  को मस्जिद अल फिरदौस की अन्दुरुनी और दरगाह की बाहरी दीवारें भी ध्वस्त कर दी ! जिससे चारों तरफ मुस्लिम समुदाय में काफी रोष है!

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क्या कहना है लोगों का ?

स्थानीय लोगों में इस कारवाही को लेकर काफी गुस्सा है. हजरत निजामुद्दीन दरगाह के आसपास के स्थानीय व्यापारियों ने इन धार्मिक स्थलों को नष्ट करने के विरोध में अपनी दुकानों पर ताला जड़ दिया था. दरगाह और मस्जिद के खादिमो के अनुसार वक्फ बोर्ड की ज़मीन पर ऐसा होना और वक्फ बोर्ड दिल्ली का रवय्या भी शक के दायरे में है!  ओखला के MLA अमानतउल्लाह खाँ, आसिफ मुहम्मद खान, फरहाद सूरी के बुज़ुर्गों की यहां क़बरें हैं!

दरगाह की वकील एडवोकेट शिम्पी शर्मा ने बताया कि हाई कोर्ट की जज गीता मित्तल मामले की सुनवाई कर रही हैं और DDA को किसी भी तरह पुराने और एतिहासिक ईमारत को नुकसान न पहुँचाने की ताईद की गयी है! DDA द्वारा आनन फ़ानन में की गयी इस कारवाही पर उन्होंने ऐतराज़ जताते हुए मौके का मलबा मंगवाया है और किसी भी पुरानी दरगाह और मस्जिद को न गिराने का आदेश दिया है! वहीँ शिम्पी शर्मा की तरफ से contempt एप्लीकेशन लगायी गयी जिसकी सुनवाई 1 अगस्त है!

स्थानीय लोगों ने बताया कि DDA आगामी दिनों में इन मस्जिदों और दरगाहों को भी ध्वस्त कर सकता है . इसी क्रम में 19 जुलाई को फिर DDA का बुलडोज़र भारी फ़ोर्स के साथ आया और सभी मलबा उठाया गया इस मौके पर समुदाय से काफी लोग आगये  !

वहीँ स्थानीय लोगों के अनुसार डीडीए ने अपनी कारवाई का फायदा उठाया और दरगाहों को पुरानी क़ब्रो के अहातों और मस्जिदों को नुकसान पहुँचाया! स्थानीय पुलिस भी मस्जिद फिरदौस से बाकी बची छत को हटाने का दबाव बना रही है ताकि सिर्फ बची  खुची दीवार को भी आसानी से गिरा दिया जाए !   .

कोर्ट ने मामले पर अगली सुनवाई के लिए 24 जुलाई की तारीख तय की है !

 


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