woman plough
demo photo

सोचने में ये घटना इतनी अधिक ह्रदयविदारक है की लिखते समय मैं खुद इतना अधिक इमोशनल हो गया हूँ की बार-बार फांसी पर लटके किसान और उनकी रोती हुई पत्नियाँ की तस्वीर आँखों के सामने तैर रही है. आखिर क्या गुज़रती होगी उस परिवार पर जब उसका एकमात्र कमाने वाला मुखिया खुद को मज़बूरी में खत्म कर दे, आपको बताते चले की जब चारों तरफ से सिर्फ निराशा की परछाई नज़र आती है तब जाकर कोई शख्स इतना बड़ा कदम उठाता है, अगर उसके ये भरोसा हो जाये की कहीं उम्मीद बाकी है तब शायद खुदकशी करने से पहले एक बार सोचे.

और पढ़े -   सूरज कुमार बौद्ध: 'वोटर आईडी कार्ड और ईवीएम को आधार से लिंक करने की है जरूरत'

पहले तो गरीबी की मार, मुट्ठीभर ज़मीन, उस पर लिया हुआ कर्जा और सबसे बड़ी परेशानी सूखा इन सभी.. ना घर में खाने के लिए कुछ ना बनाने के लिए. सारी ज़िम्मेदारी किसानी पर लेकिन वो भी बर्बाद अब ऐसा में किसानो की हालत बहुत दयनीय हो जाती है. इस बात को शायद हम लोग ना समझ पाए लेकिन एक एक करके अपने पतियों को खोती किसानों की पत्नियाँ अब इसे और बर्दाश्त नही कर सकती, उन्होंने खुद को बैल बनाकर खेत जोतना मंज़ूर है लेकिन पति के बिना नही.

नयी-दुनिया में प्रकाशित खबर के अनुसार – अपने सुहाग को बचाने के लिए मराठवाडा की महिलायें आगे आई है जहाँ इन महिलाओं ने अपने पति की टूटती हिम्‍मत को सहारा देने के लिए खुद खेती शुरू की और अब स्थिति यह है कि उनकी इस खेती से ना सिर्फ कमाई होने लगी है बल्कि अन्‍य किसानों में भी उम्‍मीद की किरण जग गई है। इन महिलाओं के अनुसार शुरुआत में तो उनकी इस मांग का विरोध हुआ लेकिन जैसे-तैसे लोग तैयार हुए और उन्‍हें खेती के लिए जमीन का कुछ हिस्‍सा दे दिया गया।

और पढ़े -   आसिम बेग मिर्ज़ा का बेहतरीन लेख: ''सांप्रदायिक राजनीति का घिनौना चेहरा''

लेकिन कुछ लोग ये बात भी सोच सकते है खुद खेत जोतने की क्या ज़रुरत है तो उसका जवाब है की अगर घर में बैल खरीदने के पैसे होते तो पहले किसान पेट भरते.

इन महिलाओं ने इस जमीन में कम पानी से उगने वाली फसलें और सब्जियां लगाना शुरू किया। समझदारी का परिचय देते हुए इन महिलाओं ने खेतों में रासायनिक खाद का उपयोग किया। नतीजा यह रहा कि उनकी कम लागत में ज्‍यादा मुनाफा हुआ।

और पढ़े -   सूरज कुमार बौद्ध: 'वोटर आईडी कार्ड और ईवीएम को आधार से लिंक करने की है जरूरत'

अच्‍छी फसल होने पर घर में भोजन की कमी तो दूर हुई ही, साथ ही इससे कमाई होने लग गई। हालांकि इस मुहिम को काफी वक्‍त हो गया है लेकिन इसकी वजह से अब भी कईयों को प्रेरणा मिल रही है।


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE