whole-story-of-dausa-flag-issue

दैनिक भास्कर का अज्ञानी पत्रकार दौसा मे एक मुस्लिम के घर के सामने से गुजरता है और घर की छत पर हरे रंग का झण्डा देखकर कुटिल मुस्कान लिये हुए रुक जाता है । झण्डे मे बने चांद तारे देखते ही दिमाग मे खुराफात शुरु हो जाती है और अपने साथी फोटोग्राफर के साथ झण्डे की फोटो लेकर कुलांचे मारते हुए दफ्तर पहुंचता है और वो झण्डे की तस्वीर खजाने की तरह अपने मालिक के सामने हाजिर करता है और बदकिस्मती से वो मालिक भी कम अक्ल होता है और उस तस्वीर व उससे बनने वाली खबर की अग्रिम बधाई अपने चमचे को दे डालता है ।

बास के मुंह से तारीफ सुनकर फुल चुका भुवनेश अब अपने खुराफाती दिमाग से शब्दों का जाल बुनता है और सनसनी के रुप मे भडकाऊ खबर बनाता है “हलवाई बाजार मे छत पर पाक का झण्डा ” खबर को और गम्भीर बनाने के लिये एसपी दौसा योगेश यादव जी को फोन पर मामले की जानकारी देकर उनका स्टेटमेंट लेता है ।

अब मामला गंभीर है तो एसपी साब भी गंभीर ही बतायेंगे और जांच के लिये भी आदेश करेंगे ,उन्हे क्या पता यह टुच्चा खोदा पहाड और निकली चुहीया वाली कहावत को चरितार्थ करने जा रहा है क्योंकि एसपी साब को भी इसकी जानकारी इस टुच्चे से ही मिली थी और उन्होने छत पर लगे झण्डे को नही देखा था । एसपी साब के बयान के बाद इस महान पत्रकार ने सीआईडी सीबी प्रशासन सबको नकारा भी करार दे दिया । हो गयी जोरदार खबर तैय्यार । अब तो यह दौसा भास्कर की मुख्य खबर बन गयी चलो जयपुर भेजते है पुरे राजस्थान मे तहलका मचाने के लिये। खुब नाम होगा ।भुवनेश यादव को बडा पत्रकार जो बनना था ।अब यह किसे पता यहा़ वाले भी अक्ल के मामले मे जरा कमजोर ही है । सारे दिन पाकिस्तान को गालिया देने वालो को यह भी नही पता कि पाकिस्तान का झण्डा कैसा है । यहां भी खबर “शानदार जबर्दस्त जिंदाबाद” हो गयी ।ना तो शक्तिप्रताप सिंह जी को नजर आया और ना ही लक्ष्मीप्रसाद पंत जी को । फिर तो चल निकली खबर की । इधर भी छापी उधर भी छापी ऐसा राजस्थान का कोई शहर नही जहां रह गयी बाकि ।

दुसरा दिन ::– खबर छपकर अखबार के रुप मे जनता के हाथो मे आ चकी थी और हर कोई गद्दार पाकिस्तानी कहने लगा खलील और बाकि मुस्लमानों को । एक भाई ने मुझे भी खबर की कटिंग भेजी तब समझ आया । फिर एक सवाल दिमाग मे घर कर गया “भाई ऐसे सैकडों पाकिस्तानी झण्डे तो जयपूर मे हर साल घरों की छतों पर लगते है ,यहा़ कोई उंगली क्यो नही उठाता। क्यों सालो से गुप्तचर एजेंसीयो ने अपनी आंखे बंद कर रखी है । तभी इंटरनेट पर पाकिस्तान का झण्डा ढुंढकर मिलाया तो सारा माजरा समझ आया और हंसी आयी देश के सबसे बडे और नं 1 अखबार दैनिक भास्कर के गंवारो पर । क्या उनको यह पता नही है कि पाकिस्तान का झण्डा कैसा है?? चलो मान लिया नही पता । तो क्या इतनी संवेदनशिल खबर होने के बावजुद इंटरनेट पर भी इसकी पुष्टी करना जरुरी नही था?? या आपको सिर्फ मुस्लमानों को जलील करने के लिये यह खबर चलानी थी ?? क्या फिर एक दादरी कांड करवाना चाहते थे आप??आखिर ऐसा क्यो किया गया क्या कल्पेश याग्निक जी या लक्ष्मीप्रसाद पंत जी इसका जवाब देंगे।

अब बखेडा खडा हो चुका था और दैनिक भास्कर को सोशियल मिडिया व आम जनता ने नोंचना शुरु कर दिया था । दफ्तर मे फोन करके विरोध जताया जा रहा था और दौसा मे भिड ने प्रदर्शन कर भास्कर की प्रतियां जलाकर विरोध जता दिया ।

अब खलबली मची थी दैनिक भास्कर के जयपुर व दौसा के दफ्तरो मे कि आखिर कैसे निपटा जाये इस बला से। ऐसी खबर चला तो दी अब इसमे सीधे सीधे गलती मानकर मुंह मे आई मरी हुई मक्खी को कैसे निगले तो साब ने मामले को एसपी पर डालते हुई पुलीस की गलती बताकर अपनी करतुत पर पर्दा डालने का पुरा प्रयास किया जबकि एसपी साब ने झण्डे के बारे जानकारी जुटाकर पाकिस्तानी झण्डा नही होने की बात पहले ही पत्रकार को बता दी थी । फिर पिडित की एफ आई आर ने भास्कर की मुश्किलो और बढा दी और पत्रकार भुवनेश,फोटोग्राफर बबलु,दौसा ब्यूरो चिफ राजेंद्र जैमन व स्टेट ब्युरो चिफ शक्तीप्रताप सिंह को नामजद कर पत्रकार भुवनेश को गिरफ्तार एक जिम्मेदार व ईमानदार आईपीएस योगेश यादव ने कानुन की पालना करते हुए अपने फर्ज को बखुबी अंजाम दिया और गैरजिम्मेदार मिडिया समुह को यह अहसास करवा दिया कि अभी सभी खाकी वाले बिकाऊ नही है ।इसी के साथ शुरु हुई दुसरी जंग ।दैनिक भास्कर जैसे अखबार समुह के पत्रकार को गिरफ्तार करने करने का हौसला रखने वाले एसपी यादव पर झुठे व मनगढंत आरोपों की झडी और करार दे दिया “एसपी का गुंडाराज” ।

वाह रे वाह । क्या अखबार है भाई आपका । क्या समझते हो कानुन को । पहले गलती तुम्हारे पत्रकार ने की फिर दोबारा गलती तुमने की और इस मामले को भडकने से बचाने वाले एसपी की कार्यशैली गुंडाराज ।भाई ऐसा गुंडाराज ही ठिक है इस जनता के लिये । तुम्हे ही मुबारक हो तुम्हारा रामराज। और गौर से सुनलो चलाओ कितनी झुठी खबर चलाते हो,कर लो अपने झुठे गुमान का नाप तौल ,इस ईमानदार एसपी का कुछ नही बिगाड पाओगे तुम । जनता सडको पर आ जायेगी दुकाने बंद हो जायेगी तुम्हारी।आगे से लिखो तो सोच समझकर लिखना । और अब भी थोडी समझदारी किसी से उधार लेकर अपनी गलती सुधार लो और माफी मांगो अपनी नीच हरकतों के लिये ।मुस्लिम समाज से भी और एसपी योगेश यादव साब से भी।

युनुस चौपदार


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