वसीम अकरम त्यागी
लेखक मुस्लिम टुडे में सह-संपादक है

हरियाणा के हिसार मे बजरंगदल के गुंडों ने मस्जिद मे नमाजी को पीटकर अमरनाथ यात्रा पर हुऐ हमले का ‘बदला’ ले लिया। तो उधर यूपी के कमलेश तिवारी ने धमकी दे दी कि अमरनाथ यात्रा का बदला लिया जायेगा हज यात्रा से लेकर मजारो तक पर हमला होगा। जब अखलाक की हत्या हुई थी तब मैने कहा था कि अब इस देश मे सवाल यह नही है कि मुसलमान का क्या होगा ? क्या होगा ? हद से हद वही होगा गुजरात मे हुआ था। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि इस देश का क्या होगा ?

सोशल मीडिया पर सक्रिय हिन्दुवादी संगठनों के आतंकी मुसलमानों को खुली चेतावनी दे रहे हैं। जिन मुसलमानों को वे धमकियां दे रहे हैं वे मुसलमान दुश्मन देश पाकिस्तान या चीन के नहीं बल्कि भारत के ही मुसलमान हैं। अमरनाथ यात्रा पर हुऐ आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ बताया गया, लेकिन बजरंगदल के गुंडों ने मस्जिद मे नमाज पढ़ने आये नमाजी को पीट डाला। यह संकेत इस बात के गवाह बन रहे हैं कि जब इस देश का प्रधानमंत्री दुनिया घूम घूम कर कहता फिर रहा था कि वह आतंकवाद के खिलाफ है तब उन्हीं के देश के उन्हीं की पार्टी के अनुषांगिक संगठनों के लोग इस देश में आतंक फैला रहे थे।

मोदी सरकार आने के बाद लगातार अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़े, अल्पसंख्यकों के प्रति नफरत बढ़ी इससे कौन इंकार कर सकता है। शहर शहर में हिन्दुसंगठनों का जन्म हुआ जहां पर मुसलमानों के खिलाफ नफरतें तैयार की गईं। इन संगठनो ने भविष्य के आतंकी तैयार किये जिन्हें हथियार चलाने से लेकर प्रोपगेंडा फैलाने तक की ट्रेनिंग दी गई। लेकिन देश का खुफिया तंत्र और सुरक्षा ऐजेंसियां इस सबको देखकर अनदेखा करती रहीं। नतीजा यह निकला कि अब मुसलमानों को गाली देना या मार देना खुद के ‘देशभक्त’ होने का प्रमाण माने जाने लगा। जिसका जीता जागता सबूत अखलाक के हत्यारोपी की लाश पर तिरंगा डाल देना और केन्द्र के मंत्री का तिरंगे से ढ़की हुई लाश के सामने नतमस्तक होना था।

और उसके बाद पहलू खान के हत्यारे की तुलना शहीद ऐ आजम भगत सिंह करके यह साफ संदेश दे दिया गया कि जो भी मुसलमानों का हत्यारा है वह देशभक्त है और सच्चा हिन्दू है।

अमरनाथ यात्रा पर आतंकवादी हमले के बाद सोशल मीडिया पर मुसलमानों को खुले चेतावनी दी गई, जो लोग इस बेफिक्री में हैं कि यह धमकी सिर्फ मुसलमानों को हैं तो उन्हें अपना चश्मा साफ करने की जरूरत है। क्योंकि यह धमकी सिर्फ मुसलमानों के लिये नहीं बल्कि इस के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिये है। ट्वीटर और फेसबुक पर सरेआम आतंकवादी हमला करने की धमकी दी जा रही हैं, हज यात्रा और मजारों को निशाना बनाने की धमकियां दी जा रही हैं, लेकिन सुरक्षा ऐजंसियां अभी तक कोई कार्रावाई नहीं कर पाई हैं। सोचिये इसी तरह की प्रतिक्रिया अगर मुसलमान नाम के सोशल मीडिया एकाऊंट से आती तो क्या सुरक्षा ऐजंसियां यूं ही हाथ पर हाथ धरे बैठी रहती हैं जैसे अब बैठी हैं। इस देश को अगर गृह युद्ध से बचाना है तो हिन्दुवादी संगठनों के आतंकियों पर लगाम लगना बहुत जरूरी है।

उपरोक्त लेखक के निजी विचार है. कोहराम न्यूज़ लेखक द्वारा कही किसी भी बात की ज़िम्मेदारी नही लेता है 


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