शबरोज मोहम्मदी (रिहाई मंच)

सीतापुर जिले के पट्टी दहलिया गांव का वह मन्जर जहां तेज धूप में मासूम बच्चे बुड्ढे, बेबस औरते, खुले आसमान के नीचे जिन्दगी को बसर करने पर मजबूर कर दिये गये।

मासूम बच्चे जो अभी अपने माँ के गोद को ही अपनी दुनिया समझते थे,जिन्दगी के उतार-चढ़ाव से बेफिक्र पेट भरा है तो माँ के गोद में कभी हँस रहें हैं तो कभी शरारत मे उछल उछल के माँ को परेशान कर के मुस्कुरा रहे थे और माँयें इन मे अपना मुस्तकबिल देख खुश हो रही थी। मुफलिसी में मजदूरी करके इस सहारे पर खुशी खुशी जिन्दगी बसर कर रही थी कि कल को मेरा मुन्ना मेरे कमजोर बाजूवों का सहारा बने गाा। लेकिन इक्तिदार के भूखे सियासत के भेड़िये इन के बच्चों के साथ इन के सपनों को भी निगल गये।

और पढ़े -   बताइए उस किशोर को ट्रेन में मारकर आपको क्या मिला?, मैं बताता हूँ ...

परिवार के पेट की भूख को मिटाने के लिये हरियाणा, पंजाब जैसे शहरों में रहने वाले इन मासूमों के बाप को जमहूरियत में अपने वोट के अधिकार मालूम था शायद यह शहर में रहने का असर रहो हो? यही इन के तबाही का कारण बना और दबंग सियासतदान ने अपने पक्ष में वोटिंग न करने के खुन्नस में पूरे मजरे को आग लगा दिया जिस में दो मासूम बच्चे, जानवर,और लाखों के नकदी के साथ इनकी पूरी जिन्दगी तबाह होगई। वादे पूरा कर चुकी सरकार ने आज तक इन पीडितों के रहने का कोई आस्थाई व्यवस्था तक नही किया। प्रशासन इन को राहत देने के बजाय एफ आई आर वापस लेने का दबाव पीडितों पर बना रही है।आग लगा कर मुआवजा देने वाली सरकार भी अब तक एक पैसा का न तो मुआवजा दिया है और न ही पीडित परिवार को इन्साफ दिलाने का वादा क्योकि मुजरिम इनके सियासी यार भाजपा के सान्सद का करीबी और बिरादरी का बताया जा रहा है।

और पढ़े -   मस्जिदुल अक्सा के बारें में इजराइल फैला रहा है ग़लतफ़हमी, जानिए आखिर सच क्या है ?

आज 24 मार्च को रिहाई मंच की टीम घटना स्थल का दौरा कर पीडितों को इन्साफ दिलाने का वादा किया। यदि जल्द पीडित परिवार को उचित मुआवजा और दोषी प्रधान को गिरफ्तार नहीं किया तो रिहाई मंच इस के लिये बडा जन आन्दोलन छेडेगी।


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE