सेवा में

माननीय मनोहर लाल खट्टर
मुख्यमंत्री हरियाणा प्रदेश

महोदय यह पूरा देश जानता है कि अतीत में आपकी जुबान से निकले जुमलों ने हफ्तो तक टेलीविजन के प्राईम टाईम में बहसो मुबाहिसा कराया है। इस देश के मस्तिष्क में अभी भी लफ्ज गूंज रहे हैं जब आपने बेबाकी से कहा था कि ‘मुसलमान देश में रह सकते हैं लेकिन बीफ खाना छोड़ना होगा’ यह ऐसा बयान था जिसने गाय पर चली बहस में उबाल पैदा कर दिया था। इतना ही नहीं आपने एक बार कहा था कि लड़कियों का जींस पहनना बलात्कार होने का मुख्य कारण है। बहरहाल मुझे नहीं मालूम आपने किस ‘गूरू’ से यह बात मालूम की जींस पहनने की वजह से लड़कियों का बलात्कार होता है। खट्टर महोदय आपको ज्ञात होगा कि आपके ही शासन वाले राज्य में बीते 24 अगस्त को एक गांव में बदमाशो ने धावा बोला।

वह गांव कस्बा तावड़् से सटा हुआ डिंगरहेड़ी है। बदमाशों ने पहले लाठियों से सोए हुए लोगों को घायल किया। फिर घायलों के हाथ बांधे, फिर लूटपाट की। फिर घायल बंधे हुए मामा मामी के सामने उनकी बच्चियों के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया और फिर उनके मामा और मामी की हत्या कर दी। नानी का घर बच्चे बड़े खुशी से जाते हैं क्योंकि वहां उन्हें कोई डांटने वाला नहीं होता एक तरह से नानी का घर बच्चो के लिये पिकनिक स्पाॅट माना जाता है। मगर आपका राज्य में ऐसा नहीं हुआ यहा नानी के घर आईं बच्चियों के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। आप ही तो कहते थे कि लड़कियो का जींस पहनना बलात्कार की वजह है। मगर इन बच्चियों ने जींस नहीं पहनी थी बल्कि सूट सलवार पहना था। फिर इनके साथ बलात्कार क्यों किया गया ? खट्टर साहब पिछले एक सप्ताह से सोशल मीडिया पर मेवात की दरिंदगी इंसानियत को शर्मशार कर रही है। खैर कुछ हम पत्रकारों की भी वजह है कि जरा सी बात को बतंगड़ बना देते हैं और सिर्फ कमियां ही तलाश करते हैं। मगर खट्टर महोदय न सिर्फ मुझे बल्कि पूरे देश की अवाम को इस आपकी खामोशी खल रही है।

आप इतने बेबाक हैं कि आपने बलात्कार होने की वजह तलाश कर ली थी आप इतने स्पष्टवादी हैं की आपने देश की पच्चीस करोड़ आबादी से बगैर डरे यह फरमान जारी कर दिया कि अगर देश मे रहना है तो बीफ खाना छोड़ना होगा। तो सर जब आप इतने बेबाक हैं फिर आपकी जुबान एक बार भी उस पीड़ित परिवार के लिये क्यो नही खुली जिसने अपना सब कुछ गंवा दिया है, जिसने बेटे को खोया बहू को खोया और काफी हद तक बच्चियों को भी खो चुका है क्योंकि जिस मानसिकता ने उनके साथ हैवानियत की है वही मानसिकता अब समाज में इन मासूमों पर भद्दी टिप्पणियां करेगी, उनका समाज में रहना दूभर कर दिया जायेगा। कल उन बच्चियो की शादी होगी उसके बाद पास पड़ोस के ताने जरा सी कहा सुनी होने पर पति से लेकर सास ससुर तक के ताने इन्हें उस गुनाह की सजा देंगे जिसे इन्होंने किया ही नही था। खैर मैं थोड़ा भावुक हो गया, मुझे नहीं मालूम कि मेरी यह ‘बकवास’ आप तक पहुंचेगी या नहीं। मगर सर एक बात तो बता दीजिये आखिर आपकी खामोशी की क्या वजह है ? आप तो बेबाक हो ? शाखा में रहकर लाठी, बरछी, भाले,बल्लम, त्रिशूल चलाना सीखकर आये हैं फिर आपकी जुबान को किसने ताला लगा दिया ? सर मुझे कुछ बातें परेशान कर रही हैं शायद आपको भी करें। यदि उन बदमाशों का इरादा लूट का होता तो चोटें मारते , माल लूटते और भाग जाते। गंभीर चोटों के कारण किसी की मौत भी हो सकती थी। इरादा बलात्कार का होता तो चोटें पंहुचाते बलात्कार करते और भाग जाते। इरादा हत्या का होता तो हत्या करते और भाग जाते। लेकिन मेवात के डींगरहेडी में ऐसी जघंय और ह्रदय विदारक करतूत , कि पहले गंभीर रूप से घायल किया। घायल दंपत्ति के हाथ बांधे। फिर लूटपाट की। फिर बंधक दंपत्ति के सामने दो बच्चियों के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया और फिर बंधक दंपत्ति की हत्या कर दी गई। यह कौन सी मानसिकता है जिसने इंसानियत ही नही बल्कि दरिंदगी की सभी हदें पार कर दी ? सुनते हो खट्टर साहब कुछ लोगो ने पीड़ित परिवार को मुआवजे की मांग की थी मगर सरकार कहती है कि पैसा नहीं है।

हां हो सकता है पैसा न हो क्योंकि अभी कुछ दिन पहले पदक विजेता को ढाई करोड़ रूपये दिये हैं, और वैसे भी साल हरियाणा ने बहुत कुछ खोया है। मगर सर इंसाफ तो दिलाईये आज कल आपकी पार्टी के नेता दलितों के घर खाना खाते फिर रहे हैं आप कमसे कम पीड़ित परिवार के यहां एक कप चाय ही पी लीजिये। जिन बच्चियों के साथ बलात्कार हुआ है एक बार प्यार से उनके सर पर हाथ फिरा दीजेगा ताकि वे भविष्य में यह न कह सकें कि ‘हर मर्द बलात्कारी नहीं होता मगर हर बलात्कारी मर्द ही होता है’।

धन्यवाद

आपका शुभाकांक्षी
Wasim Akram Tyagi

नोट – यह लेखक के निजी विचार है कोहराम न्यूज़ किसी बात की ज़िम्मेदारी नही लेता 


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