प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 10 लाख रुपये का बताया जाने वाला सूट को 4.31 करोड़ रुपये में खरीदने वाले सूरत के धर्मनंदन ग्रुप को सूट के साथ कुछ और भी सौगात मिलती दिख रही है। बताया जा रहा है कि सूरत के विस्तार की योजना के तहत उनके छोटे-छोटे प्लॉट की जगह उन्हें एक बड़ा प्लॉट अलग से दे दिया गया है।

दरअसल, सूरत के विस्तार के लिए शहर के बाहरी भाग में रिंग रोड बनाकर नया टाउन प्लानिंग बनाया जा रहा है। इस जगह पर धर्मनंदन ग्रुप के पास कुल मिलाकर 30,000 वर्गमीटर के 23 अलग-अलग प्लॉट थे। टाउन प्लानिंग की योजना के तहत इनमें से 40 फ़ीसदी ज़मीन यानी क़रीब 12,000 वर्ग मीटर उन्हें शहर-नियोजन के लिए छोड़नी पड़ेगी, यह तय था। अगर सीधे ही प्लॉट में से ज़मीन ले ली जाती, तो धर्मनंदन ग्रुप के पास 18,000 वर्गमीटर के अलग-अलग 23 प्लॉट रह जाते, लेकिन सरकार ने इन अलग-अलग प्लॉट के बदले 18,000 वर्गमीटर का एक अकेला प्लॉट उन्हें दे डाला।

इतना ही नहीं, इस प्लॉट से जुड़ी जो ज़मीन सामाजिक बुनियादी ढांचे के लिए थी, उसके इस्तेमाल का मक़सद भी अब बदल दिया गया है। अब इसे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। धर्मनंदन ग्रुप के साथ राज्य के युवा और खेल राज्य मंत्री नानु वानाणी ने भी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने की सिफारिश की है।

जाहिर है, अगर एक बड़े प्लॉट के पास इस तरह का स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स बन जाएगा, तो ज़मीन की कीमत में इज़ाफा हो जाएगा और इससे ग्रुप को करोड़ों का फ़ायदा पहुंचेगा।

कांग्रेस आरोप लगा रही है कि ‘मोदी सूट’ खरीदने के एवज में ही धर्मनंदन ग्रुप पर ये मेहरबानी की जा रही है। हालांकि सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी कहती है कि नियम के तहत 40 प्रतिशत ज़मीन तो काटी ही है और अन्य काम भी नियमों के दायरे में ही किए गए हैं, लेकिन इस सफाई के बावजूद ये कार्रवाई सवालों के घेरे में है।


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