सुप्रीम कोर्ट ने आधार कार्ड की अनिवार्यता तय नही की है और अगली सुनवाई तक इस पे स्टे लगा दिया है। आज आपको बता रहे है कि आपके मोबाइल नम्बर को आधार से लिंक करने का कैसा परिणाम सामने आ सकता है। यह मामला आरिफ दागिया के साथ हुआ। उन्होंने अपने मोबाइल नंबर को आधार कार्ड से लिंक करवाया लेकिन इसके बदले में उनके कैसा धोखा हुआ उन्हें खुद पता नही था.

उन्हें हमें अपने साथ हुए धोखाधड़ी की पूरी रिपोर्ट बनाकर भेजी है, आइये जानते है उन्ही की जुबानी

मामला यह है की पिछले दो महीनों से HP गैस की सब्सिडी मुझे प्राप्त नही हो रही थी। मेरे मोबाइल नम्बर में पिछले दो बार सिलिंडर लेने के बाद गैस कंपनी का मैसेज आया की इस महीने आपके खाते में इतने रुपयों की सब्सिडी क्रेडिट की गई , मगर दोनों बार मेरे बैंक एकाउंट में पैसे क्रेडिट नही हुए.

मैं गैस एजेंसी के आफिस पहुचा। मैने कहा कि मेरे मोबाइल पर सब्सिडी का मैसेज आने के बाद भी एकाउंट में पैसे क्यों नही आ रहे है। उन्होंने मेरा कस्टमर नम्बर डाल कर देखा और बताया कि आपका कोई एयरटेल सिम है जिसने आपके नाम से खाता खोल दिया है और उस खाते को HP से लिंक कर दिया है। ये सब्सिडी का पैसे उसी एकाउंट में जा रहा है.

अब आप खुद सोचिए कि ये कितना बड़ा scam है कि कोई कम्पनी आपको बिना बताए आपका एकाउंट खोल देती है , ऑनलाइन आपके पुराने बैंक एकाउंट को हटा देती है , अपने नए एकाउंट को गैस कंपनी से लिंक कर देती है और आपकी सब्सिडी को नए एकाउंट में पहुंचा देती है जिसके बारे में आपको खुद कोई जानकारी नही होती.

आप को बता दूं कि इससे पहले मेरा एकाउंट किसी और बैंक में था और सब्सिडी का पैसा उसी में आता था।मैंने आधार वेरीफाई क्या कराया , एयरटेल ने मुझसे पूछे बिना मेरा अकॉउंट खोल दिया और पैसा भी उस एकाउंट में मंगवा लिया। बाद में एयरटेल के कस्टमर सेंटर में मैं गया तो उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने मुझसे पूछे बिना मेरे नाम से एक एकाउंट खोल दिया है । मैंने जब कहा कि आप ने एकाउंट खोल ही दिया है तो मुझे पासबुक और चेकबुक दीजिये ताकि मैं अपना पैसा उस बैंक से निकाल सकूं , तो उन्होंने कहा कि हम आपके एकाउंट का पैसा हम अपने खाते में डेबिट कर देंगे और उसके बाद उतने पैसे का भुगतान आपको कर दिया जाएगा.

मेरा पैसा तो मुझे मिल जाएगा लेकिन आप बताइए कि क्या यह धोखाधड़ी और भ्र्ष्टाचार का मामला नही है ? मेरे सब्सिडी के 250 .00 रुपये की धोखाधड़ी हुई , अगर पूरे देश मे यदि एयरटेल के एक करोड़ कस्टमर हो और उन लोगों के साथ ऐसा हुआ हो तो यह सीधे सीधे 250 करोड़ का घोटाला हो जाएगा या नही? कितने लोग अपना बैंक एकाउंट चेक करते हैं कि उनके खाते में सब्सिडी का पैसा आया या नही? तो जो लोग ऐसा चेक नही करते, उनका पैसा कब एयरटेल कंपनी के पास डिपाजिट हो जाएगा , उसे पता भी नही चलेगा.
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दूसरी मोबाइल कम्पनियों के बारे में मैं नही जानता कि उन्होने भी ऐसा किया है क्या , मगर यदि आपके पास एयरटेल का सिम है और आप ने आधार वेरीफाई करा लिया है।तो अपनी गैस सब्सिडी के sms को ध्यान से देखिये की इसमे आपका वही पुराना बैंक एकाउंट दिख रहा है या कोई नया एकाउंट नम्बर नज़र आ रहा है। मैने इसी को देख कर इस धोखाधड़ी को पकड़ा था। अगर इस sms में नया एकाउंट नम्बर नज़र आ रहा है तो समझ लीजिए कि एयरटेल ने आप से पूछे बिना आप का भी एकाउंट खोल दिया है, उसको आधार और गैस कंपनी से लिंक कर के आपकी सब्सिडी को अपने खाते में क्रेडिट करवा लिया है.

आजकल डिजिटल इंडिया का शोर मचा है , मगर इस डिजिटल इंडिया में ऐसे ऐसे डिजिटल घोटाले होंगे कि आप जिसकी कल्पना भी नही कर सकेंगे.

कोहराम न्यूज़ को यह शिकायत पहुँचाने वाले आरिफ दगिया है जिनके अनुसार वो इस धांधली का शिकार हुए है , इस नंबर पर उनसे सम्पर्क किया जा सकता है 09229570170

 


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