याकूब मेमन को फांसी दो और सुरेन्द्र कोली को छोड़ दो,
ये कहाँ का न्याय है ?
याकूब मेमन की फांसी की
तारीख 30 जुलाई मुकर्रर हो गई ,
अच्छी बात है ,
देश की अदालत ने दोषी करार दिया, सारी प्रक्रिया पूरी हुई तो सरेआम फांसी
दो , स्वागत योग्य कार्य है ।
मुझे क्या किसी को आपत्ति नहीं होगी ,
परन्तु एक दूसरा पहलू भी देखें,
निठारी का सुरेंद्र कोली और पंढेर याद है ?
नहीं ?
वही जो छोटे बच्चों को पंढेर के बंगले में बहला फुसलाकर लाता था उनकी
हत्याएं करता था और चीर कर उन बच्चों की कलेजा गुर्दा उबाल उबाल कर मसाले
में बना कर खाते थे.
उनकी फांसी का क्या हुआ ?
राष्ट्रपति ने तो दया याचिका
भी खारिज कर दी थी ना ?
कब चढ़ाया उसे फांसी पर ? ठेंगा चढ़ाया,
आतंकवादी भुल्लर का क्या हुआ ?
चढ़ा दिया फांसी? कि औकात दिखा दी सिख लाबी के सामने उसे सरकारी दामाद बना कर।
राजीव गांधी की हत्यारी नलिनी और 3 फांसी सजा पाए हत्यारों का क्या हुआ ?
छोड़ दिया ?
नहीं छोड़ा तो छोड़ ही दोगे । .
अरे उसका क्या हुआ ? 1981 में सिखों द्वारा एयर इंडिया के विमान के पायलट
की गर्दन पर कृपाण रख कर हाईजैक करके लाहौर ले जाने वाले खालिस्तानी
आतंकवादी गजेंद्र सिंह का क्या हुआ ?
छोड़ दिया ।
उसका क्या हुआ मोहन का ?
गोपालगंज के डी.एम.जी. कृष्णया हत्याकांड में फांसी की सजा पाए पूर्व
सांसद आनंद मोहन का?
दे दी फांसी ? या उम्रकैद में बदल दी गई सजा ?
बदल दी ।
उसका क्या हुआ ?
धर्मपाल का??
अरे वही सोनीपत वाला जिसने बलात्कार किया गिरफ्तार हुआ फिर जमानत पर आकर
उसी परिवार के पांच लोगो की हत्या की ।
उसकी दया याचिका भी तो राष्ट्रपति ने 2013 में लौटा दिया था ।
उम्रकैद मे बदल दी सजा ।
उस घरेलू नौकर ओमप्रकाश का क्या हुआ??
जिसने देहरादून में अपने मालिक रिटायर्ड ब्रिगेडियर श्याम लाल खन्ना उनकी
साली और बेटी की हत्या की और फांसी की सजा सुनाई गई थी ?
दे दिया फांसी ?
ठेंगा ।
रणवीर सेना के पकड़े और फांसी पाए लोगों को दे दी गई फांसी ?
बिल्कुल नहीं ।
आरटीआई के जरिए पूछे गए सवाल के जवाब में मिली जानकारी के अनुसार पूर्व
राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल अपने कार्यकाल में 27 लोगों को फांसी से माफी
दे चुकी थीं जिनमें एक भी मुस्लिम नहीं हैं।
सब छोड़ो उस कर्नल बैसला का क्या हुआ जिसपर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज हुआ था ?
गिरफ्तारी भी हुई या मुकदमा
वापस हो गया ?
राष्ट्रद्रोह में फांसी की सजा का प्रावधान है तो दे दिया फांसी ?
कुछ नहीं दिया सब ऐश कर रहे हैं गिरफ्तार करने की औकात नहीं सरकार की ।
अजमल कसाब को फांसी ,
अफज़ल गुरु को भी दो फांसी,
याकूब मेमन को भी दो,
भाई पर ऐसा दोगलापन मत दिखाओ कि देश का एक वर्ग पक्षपात महसूस करे । और
माफ करना भाई सच तो यही है कि वह पक्षपात महसूस कर रहा है और यह देश के
लिए घातक है।

रियाज़ अहमद
समाजसेवी।।


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