“माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने आज कहा कि केंद्र की मौजूदा सरकार की अगर इतिहास से तुलना की जाए तो यह हिटलर के फासीवादी मॉडल से मिलती-जुलती होगी। उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर अपने हिंदू राष्ट्र का एजेंडा चलाने के लिए राष्ट्रवाद पर बहस खड़ी करने का आरोप लगाया। ”

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, एक आक्रामक राष्ट्रवाद पर चर्चा भाजपा और आरएसएस इसलिए करा रही है ताकि वे देश पर अपना एजेंडा थोप सकें। वे एक लोकतांत्रिक गणराज्य और धर्मनिरपेक्ष देश को हिंदू राष्ट्र में तब्दील करना चाहते हैं।

माकपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि लोगों की राष्ट्रवादी भावनाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा, अगर इतिहास के साथ मौजूदा सरकार की तुलना की जाए तो मौजूदा सरकार (एडोल्फ) हिटलर के फासीवादी मॉडल से मिलती-जुलती पाई जाएगी। येचुरी ने कहा कि देशभक्ति पर चर्चा विशेष कारणों से करार्ई जा रही है क्योंकि सरकार लोगों की भारी-भरकम आकांक्षाओं से निपटने में अक्षम है। साथ ही लोग वित्तीय तनाव से गुजर रहे हैं जिस बारे में सरकार कुछ भी नहीं कर सकती।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा निजी बैंकों को अपने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का अधिग्रहण करने की अनुमति देने की है। सरकारी बैंक कर्ज की अदायगी नहीं किए जाने के कारण तकरीबन छह लाख करोड़ रुपये के नुकसान में हैं। उन्होंने कहा, मोदी के दो वर्षों के शासनकाल के दौरान किसानों की आत्महत्या के मामले में 26 फीसदी की वृद्धि हुई है। कच्चे तेल की दरें काफी गिरी हैं लेकिन उपभोक्ताओं को इसका लाभ नहीं मिला है। लोगों के बीच हताशा है। सरकार को डर है कि यह सब एक आंदोलन का रूप न ले ले और इसलिए यह राष्ट्रवाद की बहस पैदा की गई है।

एक सवाल का जवाब देते हुए येचुरी ने कहा कि अगर जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय की इसके समकक्ष विश्वविद्यालयों से तुलना की जाए तो यह आईएएस, आईएफएस और आईपीएस में बड़ा योगदान दे रहा है और लोगों के धन का सही तरीके से इस्तेमाल हो रहा है। येचुरी ने कहा, आप जेएनयू के लोगों को हर जगह पाएंगे। इसलिए करदाताओं के धन की बर्बादी नहीं हो रही है। जेएनयू के छात्र सैनिक भी हैं, जो बेहतर भारत के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने दक्षिणपंथी पार्टियों द्वारा विश्वविद्यालय और इसके छात्रों की आलोचना किए जाने के संदर्भ में यह बात कही। इस बीच, संवाददाता सम्मेलन में मौजूद भाकपा नेता डी राजा ने कहा कि ब्रिटिश युग की ही तरह भाजपा युग का भी अंत हो जाएगा।

राजा ने आरोप लगाया, भारत एक धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गणराज्य है। जो लोग यह कह रहे हैं कि यह एक हिंदू राष्ट्र है, वे संविधान विरोधी बातें कह रहे हैं। जैसे ब्रिटिश राज का अंत हुआ था, भाजपा राज का भी अंत होगा। मैंने सीमाओं का दौरा किया है और दलित समुदाय के लोग उसकी रक्षा कर रहे हैं और यहां आप दलितों को परेशान कर रहे हैं। राजा ने कहा, जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार मेक इन इंडिया अभियान का अंतिम उत्पाद है और इस तरह के हजारों कन्हैया तैयार होने की प्रक्रिया में हैं। (outlookhindi)


लाइक करें :-


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें

Facebook Comment

Related Posts

loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें