गोरखालैंड की मांग को लेकर दार्जीलिंग में हिंसा थम नहीं रही है. ऐसे में अब गोरखा जन मुक्ति मोर्चा ने काला दिवस मनाने का फैसला किया है. बीते दस दिनों से जारी हिंसा में अब तक 1 नागरिक की मौत, 36 जवान के घायल होने की खबर है.

इसी बीच राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे एक गहरी साजिश करार देते हुए कहा कि इस गुंडागर्दी के पीछे कोई आतंकी दिमाग है. हमें सुराग मिले हैं कि उनके पूर्वोत्तर के भूमिगत विद्रोही समूहों के साथ संबंध हैं. कुछ दूसरे देश भी उनकी मदद कर रहे हैं.

वहीँ जीजेएम के नेता बिनय तमांग ने कहा, ‘हम पश्चिम बंगाल सरकार के साथ वार्ता करने को तैयार नहीं है. ममता बनर्जी ने हमारा अपमान किया है, उन्होंने हमें आतंकवादी कहा है.’ तमांग ने कहा, ‘हम अपने अधिकारों और आजादी को लेकर संघर्ष कर रहे हैं. हम केवल केंद्र सरकार के साथ वार्ता करेंगे.

गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के चीफ बिमल गुरुंग ने अज्ञात स्थान ने समर्थकों से रविवार को चौक बाजार में सुबह दस बजे जमा होने का आह्वान किया है. उन्होंने दावा किया कि तीन समर्थक पुलिस फायरिंग में मारे गए हैं. हलांकि प्रशासन ने चार या इससे ज्यादा लोगों के एक जगह इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगा रखा है इसलिए रविवार को फिर से पुलिस से प्रदर्शनकारियों की झड़प हो सकती है.


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