बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा NDA के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन किये जाने को लेकर विपक्ष को करारा झटका लगा है. बावजूद विपक्ष ने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार का नाम आगे कर स्थिति सँभालने की कोशिश की है. लेकिन नीतीश ने ये सवाल उठाकर कि ”क्या बिहार की बेटी को हारने के लिए प्रत्याशी बनाया गया है ?” विपक्ष की सारी मेहनत पर पानी फेर दिया.

और पढ़े -   राजनाथ सिंह: रोहिंग्याओं को वापस लेने के लिए म्यांमार तैयार, अब आपत्ति क्यों ?

राजद प्रमुख लालू यादव के अवास पर आयोजित इफ्तार में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि जदयू ने जो भी फैसला लिया है, बहुत सोच समझकर लिया है और उसकी जानकारी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राजद प्रमुख लालू प्रसाद को दे दी गई थी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी एकता की पहल करने की हैसियत हमारे जैसे छोटे दल के नेता की नहीं है. इसकी पहल बड़े दल के नेताओं को करनी चाहिए. हमने एक पहल 2014 में की थी, उसमें कामयाब नहीं हुए. मीरा कुमार ने मंत्री और स्पीकर के रूप में अच्छा काम किया है. उनके लिए मेरे मन में बहुत सम्मान है. विपक्ष को पहले 2019 में जीत की रणनीति बनानी चाहिए थी. उसके बाद 2022 में बिहार की बेटी को राष्ट्रपति बनाया जाता.

और पढ़े -   रोहिंग्या शरणार्थियों को भी देश रहने का है मौलिक अधिकार: ओवैसी

मुख्यमंत्री ने कहा कि रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार बनाने के बाद हमारी पार्टी की कोर कमेटी की बैठक हुई और उसमें हमने समर्थन का फैसला लिया. पहली बार बिहार के राज्यपाल को सीधे राष्ट्रपति बनाया जा रहा है. कोविंद आरएसएस की पृष्ठभूमि के नहीं हैं. उन्होंने मोरारजी देसाई के साथ अपनी राजनीति की शुरुआत की थी.


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE