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मुंबई | 8 नवम्बर के बाद से देश के हर न्यूज़ पेपर, न्यूज़ वेबसाइट और टीवी न्यूज़ चैनल पर एक ही न्यूज़ फ़्लैश हो रही है, वो है नोटबंदी. हर तरफ केवल नोटबंदी का ही जिक्र है. यह सही भी है क्योकि केंद्र सरकार के एक निर्णय से पूरा देश सकते में आ गया. वो भी जिसने बईमानी से पैसा कमाया है और वो भी जिसने ईमानदारी से. बस फर्क इतना है की बईमान मानसिक तौर पर परेशान और ईमानदार , मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से.

लेकिन केंद्र सरकार और बीजेपी यह मानने के लिए बिलकुल तैयार नही है की यह देशहित का फैसला नही है. लेकिन अब उनके ही साथी शिवसेना , केंद्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ बोल रहे है. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पहली बार इस मामले में अपनी चुप्पी तोड़ी है. शिवसेना का कहना है की सरकार के इस फैसले से देश की जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया की उन्होंने यह फैसला हड़बड़ी और जल्दबाजी में लिया है. उन्होंने कहा की सरकार ने जो फैसला किया है वो देशहित में नही है क्योकि इससे केवल आम नागरिक प्रभावित हो रहे है. उद्धव ठाकरे ने इस फैसले को कालेधन पर सर्जिकल स्ट्राइक के तौर पर प्रचारित करने पर भी कटाक्ष किया.

उद्धव ठाकरे ने कहा की सब कह रहे है की यह सर्जिकल स्ट्राइक है. पर सोचिये क्या हो अगर परेशान और गुस्से से भरी जनता सरकार के ऊपर सर्जिकल स्ट्राइक कर दे. सरकार को विदेश में जमा किये गए कालेधन पर कार्यवाही करनी चाहिए थी. अगर सर्जिकल स्ट्राइक करने थी तो यह स्विस बैंक में जमा कालेधन पर होने चाहिए थी. मालूम हो की शिवसेना , सरकार की सहयोगी पार्टियों में पहली पार्टी है जिसने सरकार की इस फैसले का विरोध किया है.


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