असदउद्दीन ओवैसी देशद्रोही नहीं है बस उन्हें समझाने की जरूरत है और हम उन्हें समझाएंगे। यह कहना है बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह का। शाह ने देश में हो रही कई तरह की गतिविधियों पर इंडिया टुडे कॉन्क्लेव के दौरान खुलकर बात की। हाल ही ओवैसी ने नागपुर में अपने एक बयान कहा था कि उनकी गर्दन पर चाकू की नोक भी रख दी जाए तब भी वे भारत माता की जय नहीं बोलेंगे। हालांकि बाद में ओवैसी को इसका जवाब जावेद अख्तर ने बेहद कायदे से दिया। यह भी सुर्खियों का विषय बना हुआ है। गुरुवार को पहले दिन के आखि‍री सेशन में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने साफ शब्दों में कहा था कि देश की अखंडता को कोई तोड़ नहीं सकता। अगर कोई नारेबाजी करके या किसी और एक्टिविटी करके देश की एकता-अखंडता को नुकसान पहुंचाने की कोशि‍श करेगा तो हम उसका विरोध जरूर करेंगे।

शाह के मुताबिक हर नागरिक को भारत माता की जय बोलने पर विपक्षी दलों ने बीजेपी को संघ की मंशा थोपना बताया लेकिन उन्होंने कहा भारत माता की जय’ का नारा बीजेपी और आरएसएस की स्थापना से काफी सालों पहले से बना हुआ है। इस बात पर बहस करना बेकार है। 99 प्रतिशत लोग मानते हैं कि भारत माता की जय बोलना देश का सम्मान है। इसी वजह से इसपर किसी को भी आपत्ति नहीं होनी चाहिए और जिसकी मंशा न हो उसे समझाया जाना चाहिए।

हमने कभी ये नहीं कहा कि किसी पर भारत माता की जय जबरन बुलवाई जाए। पार्टी ऐसे किसी भी बयान का समर्थन नहीं करती और ना ही कोई नेता ऐसे बयान दे रहा है। विपक्ष बीजेपी पर आरोप लगा रही है कि संघ के एजेंडो को बीजेपी जनता पर जबरन थोपती है। इस पर शाह ने कहा कि यह लोकतंत्र है, यहां किसी पर कुछ थोपा नहीं जा सकता। कांग्रेस वाले भी कहते हैं आपमें असहिष्णुता है। गूगल पर सोनिया जी का कार्टून आया था तो कांग्रेस ने गूगल पर कार्रवाई की। लेकिन तब किसी ने हंगामा नहीं किया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यदि कोई सरकार के खिलाफ है तो ठीक है लेकिन अगर देश के खिलाफ है तो हम बोलेंगे जरूर। हाल ही में जेनएयू में अफजल गुरु के समर्थन और देशविरोधी नारे लगाए लगाए थे। बाद में इन्हीं छात्रों के समर्थन में राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल सरीखे कई नेता देशद्रोह नारे लगाने वाले छात्रों के समर्थन में उतरे। जिसमें बीजेपी को खूब टारगेट किया गया था।

कार्यक्रम में पूछा गया कि राहुल गांधी ने नारेबाजी को समर्थन नहीं किया तो जवाब में शाह ने कहा कि आपकी आवाज को दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हाल में आगरा में एक दलित युवक की हत्या की गई और किसी एक व्यक्ति ने वहां जाकर कुछ कह दिया, यह महत्वपूर्ण हो गया। परसों हमारे कार्यकर्ता को केरल में इस तरह मारा गया कि उसे जीवन भर के लिए पैरालिसिस हो गया है। कम्युनिस्ट पार्टी वालों ने अटैक किया है, लेकिन किसी ने हंगामा नहीं किया।

हैदराबाद में दलित छात्र रोहित वेमुला की मौत पर शाह ने कहा कि मैं छात्र रोहित की मौत को बहुत दुर्भाग्यपूर्ण मानता हूं। लेकिन रोहित से पहले भी 9 अन्य दलित बच्चों ने हैदराबाद यूनिवर्सिटी में सुसाइड किया था। किसी ने हंगामा नहीं किया, मतलब कि आवाज बड़ी नहीं है, लाउडस्पीकर कौन लगा रहा है। विरोध तो करना ही चाहिए, युवा हैं तो ऐसा होता ही है, लेकिन यह कहना है कि सोचने की, बोलने की पाबंदी लगी है, ये गलत है। (Live India)


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