नई दिल्ली। जेएनयू विवाद पर संसद में बहस जारी है। सदन के पटल पर कई सांसदों ने अपनी बात रखी। अंतिम में सवालों का जवाब देते हुए केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी काफी अाक्रामक दिखीं। उन्होंने विपक्ष पर कड़े शब्दों का प्रयोग करते हुए अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मंत्रालय के पास जिस भी समस्या की शिकायत आई, उसकी मदद की गई। जाति-धर्म पूछकर किसी की मदद नहीं की गई है। उन्होंने कांग्रेस सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा कि आप लोगों की जवाब सुनने की इच्छा थी ही नहीं क्योंकि आपकी नीयत में खोट है।

– जिस काउंसिल ने ये निर्णय लिया था कि रोहित वेमुला को बर्खास्त किया जाए, उसे कांग्रेस ने अप्वाइंट किया था : ईरानी

– मैंने अपना काम किया, माफी नहीं मांगूंगी : स्मृति ईरानी

– रोहित वेमुला ने अपने पत्र में सुसाइड के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया  : स्मृति ईरानी

-देश को वह राजनीति बर्बादी की ओर ले जाएगी, जो छात्र के शव पर भी हो रही है : स्मृति ईरानी

-देश में बहने वाली हर नदी गंगा और हर कंकड़ शंकर है : स्मृति ईरानी

कांग्रेस की तरफ से बोलते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने  राजनाथ सिंह के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें गृहमंत्री ने कहा था कि जेएनयू में हुई देश विरोधी गतिविधि में पाकिस्तानी आतंकी शामिल हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि जेएनयू को नष्ट करने की कोशिश हो रही है।

अपनी बात रखते हुए हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने विपक्ष से कई सवाल पूछे।

कांग्रेस तय करे कि वह संसद पर हमला करने वालों के साथ या बचाने वालों के साथ : अनुराग ठाकुर

कांग्रेस का नारा है, फैमली फर्स्ट, पार्टी सेकेंड और नेशन लास्ट : अनुराग ठाकुर

देश द्रोहियों के खिलाफ होनी चाहिए कड़ी कार्रवाई : अनुराग ठाकुर

सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने सदन में बात रखते हुए कहा कि देश विरोधी गतिविधियों का समर्थन नहीं किया जा सकता है।

हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने संसद में बोलते हुए कहा कि भाजपा लोगों को राष्ट्रवाद का सर्टिफिकेट बांट रही है, जबकि कांग्रेस धर्मनिरपेक्षता का प्रमाण पत्र दे रही है।

दूसरी तरफ राज्यसभा में मायावती ने दलित छात्रों के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि “दलित छात्रों को लक्षित किया जा रहा है। उन्होंने हैदराबाद विश्वविद्यालय के दलित छात्र रोह्त वेमुला का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कहा कि सरकार दलितों को लक्षित कर रही हैं। इसके बाद ही राज्यसभा में केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई।

विपक्ष ने आरएसएस और बीजेपी को लेकर नारेबाजी शुरूकर जोरदार हंगामा कर दिया। जिसको देखते हुए राज्यसभा की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी। इसके बाद शुरू हुई कार्यवाही में मायावती ने एचआरडी मंत्री का इस्तीफा मांगा है। वहीं वित्त मंत्री अरूण जेटली ने मायावती से कहा, बहनजी आप सरकार के विचार सुनें,आपकी चिंताएं भी सुनी जाएगी। (पत्रिका)

 


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