उत्तर प्रदेश के नए भाजपा अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि वह एक राम भक्त हैं और चाहते हैं कि अयोध्या में प्रस्तावित लेकिन विवादित राम मंदिर ज़रूर बने.

बीबीसी हिंदी से हुई बातचीत में केपी मौर्य ने माना कि क्योंकि राम मंदिर का मामला अभी अदालत में विचाराधीन है इसलिए या तो मंदिर न्यायालय के फ़ैसले से या संसद में क़ानून से या फिर समझौते से ही बन सकता है.

हालांकि उन्होंने ये भी कहा, “भगवान राम में उनकी आस्था है लेकिन अभी विकास उनका मुद्दा है.”

लेकिन पूछे जाने पर कि मंदिर निर्माण के पक्ष में अगर फ़ैसला आया तो क्या वो सीधे अयोध्या जाएंगे, उनका जवाब था, “मैं हमेशा से राम लला के दर्शन करने जाता हूँ और जाता रहूंगा”.

इलाहाबाद के फूलपुर से सांसद केपी मौर्य एक लंबे समय से विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय सेवक संघ से जुड़े रहे हैं और राम जन्मभूमि आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं. भारतीय जनता पार्टी ने 2017 के उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनावों को ध्यान में रख कर पिछले तीन वर्षों से अध्यक्ष रहे लक्ष्मीकांत बाजपेई की जगह केपी मौर्य का चयन किया है.

प्रदेश में पहली बार अमित शाह के नेतृत्व वाली भाजपा ने दलित और पिछड़े जाति के मतदाताओं पर भी ख़ास ध्यान केंद्रित कर रखा है. जानकारों का कहना है कि केपी मौर्य को प्रदेश अध्यक्ष बनाना इसी कड़ी का एक हिस्सा भी बताया जा रहा है.

हालांकि केपी मौर्य ने कहा, “हम राष्ट्रवादी हैं और हमारे यहां जातिवाद की बात नहीं होती. मैं सिर्फ एक कार्यकर्ता हूँ और हम सब नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में विकास की राजनीति के ज़रिए प्रदेश में दोबारा विजय पताका लहराएंगे”.

केपी मौर्य ने अपने खिलाफ़ दर्ज करीब आधा दर्जन आपराधिक मामलों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए जवाब भी राजनेता वाला ही दिया. उन्होंने कहा, “अगर हमारे कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न की दोबारा कोशिश होगी तो राजनीति से प्रेरित और भी मामले दर्ज हो सकते हैं. कार्यकर्ताओं के लिए दस क्या मैं एक लाख ऐसे मुक़दमों की माला पहनने के लिए तैयार हूं.” (BBC)


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