पार्टी का नया फरमान मिलते ही पार्टी का टिकट मांगने वाले संभावित प्रत्याशी सक्रिय हो गए। कार्यकर्ताओं की फौज लगाकर नये फालोअर्स जोड़ने में लग गए हैं।

उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में टिकट की उम्‍मीद पाले बैठे भाजपा नेता इन दिनों कशमकश में हैं। बीजेपी आलाकमान ने स्पष्ट कर दिया है कि विधायक का टिकट मांगने वालों के पास सोशल मीडिया पर 25 हजार फालोअर्स होना चाहिए। इसके बाद ही उन्हें टिकट मिलेगा। पार्टी का नया फरमान मिलते ही पार्टी का टिकट मांगने वाले संभावित प्रत्याशी सक्रिय हो गए। कार्यकर्ताओं की फौज लगाकर नये फालोअर्स जोड़ने में लग गए हैं।

बताया जाता है कि भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह ने हाल ही में हुई बैठक में पार्टी नेताओं से कहा कि आने वाले चुनावों में सोशल मीडिया की अहम भूमिका होगी। इसलिए सोशल मीडिया पर उनकी लोकप्रियता टिकट निर्धारण में भूमिका निभाएगी। हालांकि इस नई शर्त से कई वरिष्‍ठ भाजपा नेताओं और वर्तमान विधायकों के सामने भी संकट खड़ा हो गया है। क्‍योंकि यूपी भाजपा अध्‍यक्ष लक्ष्‍मीकांत वाजपेयी के भी टि्वटर पर 10 हजार ही फॉलोअर्स है। पार्टी नेता हालांकि शाह के बयान पर सफार्इ पेश करते नजर आ रहे हैं।

पार्टी नेताओं का कहना है कि शाह के बयान को बोझ के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। एक व्‍यक्ति की पहचान का निर्धारण जमीनी काम से होता है। एक नेता सभी वर्गों के लिए काम करता है और जरूरी नहीं कि सभी लोग सोशल मीडिया पर हो। लेकिन युवाओं से जुड़ने के लिए सोशल मीडिया अच्‍छा जरिया है। पार्टी अध्‍यक्ष यही बात कहना चाहते हैं। इस संदेश के जरिए अमित शाह पार्टी कार्यकर्ताओं को ज्‍यादा से ज्‍यादा लोग तक पहुंच बढ़ाने के लिए प्रेरित करना चाहते हैं। (jansatta)


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