आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने पार्टी के स्थापना दिवस पर प्रदेश कार्यालय परिसर में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि मेरे जीते जी आरक्षण पर आंच नहीं आ सकता. जब तक हमारे शरीर में खून का एक कतरा रहेगा, गरीबों के हक पर आंच नहीं आने देंगे.

मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए लालू ने कहा कि केन्द्र सरकार ने अब तक कोई काम नहीं किया है. अपनी कमी को छुपाने के लिए चुनाव के ठीक पहले वह दंगा-फसाद कराएगी. लेकिन हमें उनकी मंशा का मुंहतोड़ जवाब समाज में शांति कायम कर देना होगा.

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उन्होंने आरएसएस पर भी हमला किया और कहा कि आरएसएस की मंशा बहुत खतरनाक है. वह देश में नया संविधान लागू करना चाहती है. आरएसएस ने कभी वर्तमान संविधान को अंगीकार किया ही नहीं. संविधान सभा में जब हमारा संविधान पेश हुआ था उसी समय भाजपा वालों के गुरु गोलवलकर ने कहा था कि यह विदेशी संविधानों की नकल है.

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उन्होंने आगे कहा कि गोलवलकर ने मनुस्मृति पर आधारित संविधान बनाने की वकालत की थी. आप सभी जानते हैं कि मनुस्मृति के अनुसार शुद्र अगर वेद सुन लेता है तो उसके कान में शीशा पिघलाकर डाल देना चाहिए. मनुस्मृति शुद्र और अछूतों को इंसान का दर्जा नहीं देता है. वह महिलाओं को भी पुरुषों का गुलाम मानता है.


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