uma bharti

2003 के विधानसभा चुनाव के दौरान उमा भारती को पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह पर 15 हजार करोड़ रुपए का घोटालें का आरोप लगाने के कारण मानहानि केस का सामना करना पड़ रहा हैं.

दिग्विजय सिंह ने 17 नवंबर 2003 को जिला अदालत भोपाल में मानहानि का परिवाद पेश किया था. इस मामलें में कोर्ट में पेश नहीं होने पर उमा भारती के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था. गिरफ्तारी वारंट पर स्टे लगने के बाद बाद आज उमा भारती अदालत के सामने पेश हुई.

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दरअसल दोनों पक्षों की ओर से आपसी सहमति से समझौते के लिए आवेदन देने के बाद दोनों पक्ष मीडिएशन के समक्ष  हाजिर नहीं हुए और ऐसे में उमा भारती को कोर्ट के समक्ष अपने बयान दर्ज करवाने थे लेकिन उन्होंने ये भी नहीं किया. जिसके बाद कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया था.

कोर्ट ने उमा भर्ती का हाजिरी माफी आवेदन खारिज करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के माध्यम से वारंट को तामिल करायें जाने का आदेश दिया था.

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