Asaduddin-owaisi

आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र की मोदी सरकार पर समान नागरिक संहिता को लेकर हमला बोलते हुए कहा कि मोदी सरकार समान नागरिक संहिता के जरिए भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की कोशिश कर रही हैं.

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) द्वारा समान नागरिक संहिता के विरोध में आयोजित एक कार्यक्रम में ओवैसी ने कहा, मुस्लिम पर्सनल लॉ में दखल देकर सरकार मुस्लिमों को दोयम दर्जें का नागरिक दिखाना चाहती हैं. उन्होंने आगे कहा कि बहुलतावाद और विविधता भारत की मजबूती और सुदंरता रहे हैं. धर्मनिरपेक्षता को खत्म करने का कोई भी प्रयास देश को कमजोर करेगा.

और पढ़े -   योगी राज में अपराधियों के हौसले बुलंद, बीजेपी विधायक से मांगी 10 लाख रूपए की फिरौती

ओवैसी ने सुप्रेम कोर्ट में तीन तलाक के विरोध में हलफनामा दाखिल किये जाने की आलोचना करते हुए कहा कि भारतीय मुस्लिमों की पाकिस्तान और दूसरे देशों से तुलना करके सरकार ने न सिर्फ भारतीय मुस्लिमों बल्कि पूरे देश का अपमान किया है.

उन्होंने केंद्र सरकार को चुनोती देते हुए आगे कहा, सरकार मिजोरम और नागालैंड जैसे राज्यों के विशेष दर्जे से छेड़छाड़ और गोवा के विवाह कानूनों को समाप्त करने की हिम्मत दिखाएं. साथ ही उन्होंने सरकार से सवाल किया कि क्या समान नागरिक संहिता बनने पर मुसलमानों को भी हिदू अविभाजित परिवारों की तरह कर छूट मिलेगी?

और पढ़े -   गौमांस पर बोले नायडू: मै पक्का नॉन वेजिटेरियन हूँ, सबको अपनी पसंद के भोजन का है अधिकार

Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE