एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को कहा कि भारत जैसे देश में समान नागरिक संहिता लागू नहीं की जा सकती. उन्होंने कहा कि भारत बहुलवादी और विविधतापूर्ण देश हैं यहाँ पर समान नागरिक संहिता लागू नहीं हो सकती.

ओवैसी ने इस विषय पर बहस के बारें में कहा कि क्या संघ परिवार हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) कर रियायत को छोड़ने के लिए तैयार होगा जो उन्हें मिल रही है? उन्होंने कहा कि हमारे संविधान में 16 दिशानिर्देशक सिद्धांत हैं. जिसमें से एक शराब के के बारे में पूरी तरह प्रतिबन्ध की बात करता हैं हम इसके बारे में बात क्यों नहीं करते और पूरे भारत में शराब प्रतिबंधित क्यों नहीं कराते. जबकि शराब की वजह से कई महिलाओं को प्रताड़ित किया जा रहा है, सड़क दुर्घटनाओं की बड़ी वजह नशे में गाड़ी चलाना है. फिर शराब को भारत में पूरी तरह प्रतिबंध क्यों नहीं कराते.

ओवैसी ने सवाल उठाते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 371 की एक धारा नगा और मिजो नागरिकों को विशेष प्रावधान प्रदान करती है. क्या आप इसे भी हटा देंगे ? उन्होंने आगे कहा कि ने कहा कि ये सवाल पूछे जाने चाहिए और भारत जैसे बहुलवादी और विविधतापूर्ण देश में आप समान नागरिक संहिता नहीं लागू कर सकते क्योंकि यह भारत की ताकत है. ओवैसी ने कहा कि हम अपने बहुलवाद को मनाते हैं क्योंकि यह देश धर्म को मानता है.


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