ravi

कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने केंद्र की और से ट्रिपल तलाक मामलें में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे को जायज ठहराते हुए कहा कि कुछ इस्लामिक देशों में इसे शरिया का उल्लंघन नहीं माना जाता है.

उन्होंने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है जहां पर सभी को समान अधिकार है. इसलिए सरकार ने लिंग भेद के खिलाफ जाकर यह कदम उठाया है. भारत के अलावा भी डेढ़ दर्जन से ज्यादा मुस्लिम देशों ने अपने ट्रिपल तलाक कानून को लेकर बदलाव किए हैं. इसमें पाकिस्तान, ईरान और बांग्लादेश जैसे देश भी हैं. अब ये मामला सुप्रीम कोर्ट में है.

वहीँ बीजेपी प्रवक्ता सईद जफर इस्लाम ने कहा  कि ‘मुस्लिम समुदाय की महिला संगठन ने ही ट्रिपल तलाक के खिलाफ अवाज उठाई है. सरकार ने भी मुस्लिम महिला संगठनों की बात को मानते हुए सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दिया है. यह शरिया कानून पर हमला नहीं है. ये मुस्लिम महिलाओं के लिए बड़ा फैसला है.

उन्होंने आगे कहा,  मैं अपने धर्म गुरुओं को कहना चाहता हूं कि दूसरे मुस्लिम देशों को भी देखें कि वहां भी समय के हिसाब से बदलाव हुए हैं. हमारे धर्मगुरु अगर शरिया कानून को मानते हैं तो उन्हें शरिया कानून में आपराधिक कानून को भी मानना चाहिए लेकिन वे ऐसा नहीं करते हैं.’


लाइक करें :-


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें

Related Posts

loading...
Facebook Comment
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें