विवादों के लिए पहचाने जाने वाले भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने एक बार फिर से विवादित बयान दिया है. उन्होंने देश के हिन्दुओं से अपील की है कि वे मुस्लिम समुदाय को फुट डालकर विभाजित करे.

दिल्ली में आज एक कार्यकर्म के दौरान उन्होंने कहा कि अयोध्या में विवादित भूमि पर भगवान राम का मंदिर ही बनना चाहिए.

इस दौरान उन्होंने शिया वक्फ बोर्ड की सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र दाखिल करने की भी सराहना की और कहा, अयोध्या में विवादित भूमि पर भगवान राम का मंदिर ही बनना चाहिए.

स्वामी ने कहा, “हमारी रणनीति हिंदुओं को एकजुट करने और मुसलमानों के बीच फूट डालने की है. देखें, शियाओं ने खुद प्रस्तावित किया है कि अगर सुप्रीम कोर्ट राम जन्मभूमि मामले में मुस्लिम पक्ष में फैसला देती है, तो वे यह जगह हिंदुओं को मंदिर के लिए सौंप देंगे और वे (मस्जिद) दूसरे स्थान पर बनायेंगे.

उन्होंने कहा, “उन्हें यह ध्यान में रखना चाहिए कि डीएनए विश्लेषण के अनुसार, मुसलमानों और हिंदूओं के डीएनए समान हैं. वे सभी मुसलमानों को परिवर्तित कर रहे हैं.

स्वामी की टिप्पणी पर मुफ्ती मुकर्रम अहमद, फतेहपुरी मस्जिद, दिल्ली के इमाम ने कहा, “वह एक परेशान व्यक्ति है. कोई भी उसे कोई मूल्य नहीं दे रहा है. पार्टी या सरकार के अंदर उसे कोई पद नहीं मिला है. उसे कोई जिम्मेदारी नहीं मिली है। मीडिया में अपनी पब्लिसिटी के लिए वह ऐसी बातें कह रहा है.”

दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरुल इस्लाम खान ने कहा है कि, “यह एक क़ानूनी अपराध है। पुलिस को इस मामले को ध्यान में रखकर, उनके खिलाफ कार्यवाही करनी चाहिए.”


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