आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तरप्रदेश के मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र सेमरियावा में एक जनसभा को सबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान हिंदुस्तान के मामलों में दखलंदाजी न करें, क्योंकि उसका हिंदुस्तान से कोई मुकाबला नहीं है.

उन्होंने कहा कि पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान अमन-चैन में खलल डालता है. पाकिस्तान की मस्जिदों में बम विस्फोट और कत्ल होते हैं, लेकिन इसके बाद भी वह सबक नहीं ले रहा. वह हिंदुस्तान के मामलों में दखलंदाजी न करें, क्योंकि उसका हिंदुस्तान से कोई मुकाबला नहीं है.

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ओवैसी ने आज़ादी की लड़ाई में मुसलामनों का जिक्र करते हुए कहा कि इस मुल्क से मुसलमानों के कई यादगार लम्हें जुड़े हुए हैं. अंग्रेजों की गुलामी से देश को आजाद कराने के लिए मुसलमानों ने अपना खून बहाया. उलेमाओं ने अंग्रेजों के खिलाफ जिहाद छेड़ा, तब आजादी मिली. लेकिन इसका श्रेय जवाहर लाल नेहरू, महात्मा गांधी, सरदार बल्लभ भाई पटेल और आजाद को मिला.

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आवैसी ने मुसलमानों के देशप्रेम पर सवाल उठाने पर कहा कि देश के दो टुकड़े होने पर भी हमारे बुजुर्ग इसे अपना वतन बताते हुए जिन्ना के साथ पाकिस्तान नहीं गए. इस वफादारी के बाद भी मुसलमानों को शक की निगाह से देखा जाता है. ताजमहल, कुतुबमीनार और लालकिला जहां प्रधानमत्री तिरंगा लहराते हैं, यह सब हमारे बुजुर्गों के हैं.


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