बंदायु | उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बने करीब डेढ़ महीना हो चूका है. इस छोटी से अवधि में योगी ने कई अहम् फैसले लेकर सरकार के कामकाज करने की रुपरेखा को स्पष्ट करने का प्रयास किया है. इनमे एंटी रोमियो स्क्वाड के गठन से मनचलों पर लगाम लगाने और अवैध बूचडखानो को बंद कराकर यह दर्शाने का प्रयास किया गया है की वो प्रदेश में एक शुशासन की सरकार देना चाहते है.

इसके लिए योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार में दो उप मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया. इस पर योगी का तर्क था की इतने बड़े प्रदेश को देखने के लिए सहयोग की जरुरत है. इसके अलावा अफसरों और मंत्रियो के काम की मोनिटरिंग करने के लिए तीन लोग होंगे तो सरकार और अच्छे से काम कर पायेगी. लेकिन योगी का यह तर्क विपक्षी दलों के गले के नीचे नही उतर रहा है.

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प्रदेश में मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने राज्य सरकार में दो दो उप मुख्यमंत्री बनाने को लेकर सवाल खड़े किये है. उनका कहना है की संविधान में उप मुख्यमंत्री जैसे किसी पद की व्यवस्था नही है. इसलिए यह पद पूर्ण रूप से असंवैधानिक है. अखिलेश यादव के चचेरे भाई और बन्दायु से सांसद धर्मेन्द्र यादव ने पार्टी के सदस्यता अभियान के दौरान ये बाते कही. बताते चले की फिलहाल प्रदेश में केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा ,सरकार में उप मुख्यमंत्री पर है.

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बंदायु , बिसौली और बिल्सी में समाजवादी पार्टी के सदस्यता अभियान के दौरान धर्मेन्द्र यादव ने कहा की योगी सरकार दो दो उप मुख्यमंत्री बनाकर असंवैधानिक काम कर रही है. इस पद की व्यवस्था संविधान में नही है. इसके अलावा सरकार के गेंहू खरीद केंद्र सिर्फ कागजो पर काम पर रहे है. हकीकत इससे बिलकुल अलग है. अखिलेश सरकार के दौरान कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वालो की सरकार में आज अपराधी निरंकुश हो गए है. कुछ दिन पहले पुलिस और अफसरों पर हुए हमले बीजेपी की गुंडागर्दी की ताजा मिसाल है.

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