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भोपाल में सिमी सदस्यों का हाई सिक्यूरिटी जेल से पहले फरार हो जाना और 10 घंटों के भीतर भोपाल के नजदीक 10 कम एरिया में पुलिस द्वारा एनकाउंटर कर देना सवालों के घेरे में हैं. राज्य कांग्रेस के अरुण यादव ने एनकाउंटर  पर सवाल उठाते हुए पूछा कि कहीं ये  फरारी और एनकाउंटर पहले तय तो नहीं था ?

उन्होंने पुलिस कारवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि आठों लोगों का दीपावली की रात फ़रार होना और फिर भोपाल के पास ही आठ-नौ घंटे तक छिपे रहना शक पैदा करता है.

उन्होंने सवाल कर पूछा कि

  • जब केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर पूरे देश में हाई अलर्ट रखे जाने की बात कही गयी थी, जिसमे दीपावली पर्व को लेकर स्पष्ट निर्देश थे तब राज्य सरकार ने उन निर्देशों की अनदेखी क्यों, किसलिए और किसके निर्देश पर की?
  • जेल मैन्युअल के अनुसार किसी भी जेल में आठ से अधिक दुर्दांत अपराधियों को नही रखा जाना चाहिए, तो राजधानी की जेल में एक साथ 35 आतंकियों को क्यों रखा गया?
  • कुछ वर्षों पूर्व सिमी आतंकवादियों के खंडवा जेल से फरार हो जाने की घटना से भी सरकार ने सबक क्यों नही लिया?
  • हाई अलर्ट के दौरान 35 आतंकियों को रखे जाने वाली जेल की सुरक्षा मात्र 2 सिपाहियों के भरोसे क्यों, कैसे और किसलिए रखी गई?
  • जेल से फरार होने के बाद आतंकियों ने 8 से 9 घंटे तक भोपाल के ही नजदीक रहने का निश्चय क्यों किया? प्रदेश की सीमा से बाहर भागने के लिए 8 से 9 घंटे पूर्णतः पर्याप्त होते हैं.
  • फ़रार हुए लोगों को आधुनिकतम हथियार कहाँ से और किससे प्राप्त हुए, आईजी भोपाल का यह बयान कई रहस्य और आशंकाओं को जन्म दे रहा है.
  • इस घटना और गहरे षड्यंत्र के नेपथ्य में कौन कौन सी आंतरिक शक्तियां शामिल हैं?

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