shivpal

शनिवार को एक बार फिर से समाजवादी पार्टी की आतंरिक कलह खुलकर सामने आ गई. लखनऊ के जनेश्‍वर पार्क में आयोजित रजत जयंती समारोह के कार्यक्रम में शिवपाल ने अपने भाषण में अखिलेश पर तंज कसते हुए कहा कि उन्‍हें मुख्‍यमंत्री का पद नहीं चाहिए और जरूरत पड़ने पर वह अपना खून भी देने को तैयार हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘मैं अखिलेश यादव जी और पूरे समाजवादियों से कहना चाहता हूं कि कितना हमसे त्याग लोगे, कितना त्याग लेना चाहोगे. यहां तक कि अगर खून मांगोगे तो खून भी दे देंगे. मुख्यमंत्री मुझे नहीं बनना है.’’ उन्होंने आगे कहा, मुझे मुख्यमंत्री कभी नहीं बनना है. मैंने चार साल बहुत सहयोग किया है. लगातार सहयोग किया है. कितना भी मेरा अपमान कर लें, कितनी बार भी मुझे बख्रास्त कर लेना लेकिन मैं जानता हूं कि मैंने अच्छा काम किया है. मैंने पार्टी के लिए संघर्ष किया है, जोखिम लिया है.’’

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शिवपाल के बयान पर पलटवार करते हुए सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि ‘लोहिया जी ने कहा था कि लोग सुनेंगे जरूर लेकिन मेरे मरने के बाद. मैं दूसरे शब्दों में कह रहा हूं कि लोग समाजवादी पार्टी की सुनेंगे जरूर लेकिन पार्टी के बिगड़ने के बाद.’

उन्होंने आगे कहा कि आप लोग मुझे तलवार भेंट करते हो लेकिन चाहते हो कि तलवार नहीं चलाऊं. विचारधारा को बचाने के लिए तलवार चलानी जरूरी है.

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