महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और विदर्भ में भयंकर सूखे के बीच राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फणनवीस के ‘भारत माता की जय’ वाले विवादास्पद बयान पर उनके साथ गठबंधन में शामिल शिवसेना ने आड़े हाथ लेते हुए गुरुवार को कहा कि भारत समर्थक नारा लगाने के लिए लोगों को पहले जीवित रहना होगा.

शिवसेना: पानी के बिना मरता इंसान कैसे बोले भारत माता की जय

शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में शिवसेना की ओर से कहा गया है कि इससे तो अच्छा यह रहता कि वह (देवेंद्र फडणवीस) पहले यह युद्धघोष करते कि वह हर घर में, महाराष्ट्र के प्रत्येक गांव में पेयजल पहुंचायेंगे, नहीं तो मुख्यमंत्री का पद छोड़ देंगे.

सामना के संपादकीय में देवेंद्र फणनवीस पर निशाना साधते हुए कहा गया है कि ‘भारत माता की जय बोलना चाहिए लेकिन उसके लिए भी आदमी को पहले जीवित होना चाहिए. पानी के बिना मरता इंसान भला कैसे भारत माता की जय   बोल सकेगा. भारत माता की जय के नारे को लेकर प्रदेश में राजनीति पूरे जोरों से चल रही है’.

गौरतलब है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फणनवीस ने एक रैली में बीजेपी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि ‘मेरी मुख्यमंत्री की कुर्सी जाने दो, किन्तु मैं भारत माता की जय का नारा जरूर लगाऊंगा’.

इस पर सामना में कहा गया है कि मुख्यमंत्री फणनवीस द्वारा यह अच्छा बोला गया है, लेकिन उसी भारत माता की संतानें आज पानी को लेकर दर-दर भटक रही हैं. पूरा महाराष्ट्र परेशान है. विदर्भ और मराठवाड़ा में तो लोग एक दूसरे का खून करने पर उतारू हैं.

शिवसेना ने इस लेख के माध्यम से बीजेपी को यह भी बताया है कि आज प्रदेश के युवा तेजी से नक्सलवाद की ओर जा रहे हैं और अन्याय के खिलाफ हथियार उठा रहे हैं.

शिवसेना ने इस मसले पर बीजेपी से एक प्रश्न किया है कि क्या मराठवाड़ा के लोग एक बूंद पानी के लिए हथियार उठा लें और आतंकी बन जाएं? यदि आने वाले समय में सचमुच ऐसा होता है तो भारत माता की जय का कोई अर्थ नहीं रह जाएगा. यदि लोग खुश रहेंगे तो हमारी भारत माता भी प्रसन्न रहेंगी. (catchnews.com)


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