जनता दल (यू) में मचे घमासान के बीच बागी तेवर अपना चुके पार्टी नेता शरद यादव ने आज स्पष्ट कर दिया कि वह राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा नहीं देंगें.

दरअसल उनसे सवाल किया गया था कि जद यू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने उनसे राज्यसभा से इस्तीफा देने के लिए कहा तो वे क्या करेंगे ?  इस सवाल के जवाब में उन्होने कहा, वह इस्तीफा नहीं देंगे.

और पढ़े -   रोहिंग्या शरणार्थियों को भी देश रहने का है मौलिक अधिकार: ओवैसी

उन्होंने कहा कि राज्यसभा में मैं चार बार रहा हूं. इसमें से तीन बार इस्तीफा दे चुका हूं. मैं 2 बार लोकसभा से इस्तीफा दे चुका हूं. हम इस्तीफा करने वाले आदमी हैं. लेकिन आज जो आप पूछ रहे हैं उसका जवाब ये है. हमने आज जो कदम उठाया है वो देश की विकट परिस्थिति की वजह से उठाया है. इसमें मेरा कोई स्वार्थ नहीं है.

और पढ़े -   सहारनपुर की आड़ में थी बीजेपी की और से मेरी हत्या कराने की साजिश: मायावती

शरद यादव ने जेडीयू के एनडीए और बीजेपी से गठबंधन पर  कहा कि आज के एनडीए और अटल आडवाणी के एनडीए में जमीन आसमान का फर्क है. अटल आडवाणई के एनडीए में 30-40 प्रतिशत पार्टियां बाहर की थीं. आज जो एनडीए है इसमें चौअन्नी और दुअन्नी  वाली पार्टियां हैं. अटल आडवाणी के एनडीए में नेशनल एजेंडा था, इसमें सिर्फ बीजेपी का एजेंडा है.

और पढ़े -   रोहिंग्याओं के अगर आतंकियों से है सबंध तो सबूत सार्वजानिक करे मोदी सरकार: कांग्रेस

ऐसे में अब पार्टी उनकी सदस्यता रद्द कराने के लिए राज्यसभा अध्यक्ष को पत्र लिखेगी.पार्टी के महासचिव के सी त्यागी का कहना हैं कि पार्टी की ओर से बार-बार मना करने के बावजूद शरद यादव ने राजद की रैली में भाग लिया उससे ये बात साबित हो गई है कि उन्होंने पार्टी की सदस्यता का त्याग कर दिया है.


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE