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बीजेपी के विवादित नेता साक्षी महाराज कब, क्या बोल दे इसका अंदाजा उन्हें कभी नहीं रहता. ऐसा ही एक और वाक्या एक समाचार चैनल के प्रोग्राम में पेश आया. इस दौरान साक्षी महाराज ने कपड़े उतारने की बात कह डाली. जिसके बाद कांग्रेस नेता ने उन्हें यह कह कर रोकना पड़ा कि प्रोग्राम में महिलायें भी हैं.

दरअसल न्‍यूज चैनल इंडिया टीवी के कार्यक्रम ‘चुनाव मंच’ में साक्षी महाराज अयोध्‍या में राम मंदिर के लिए जुबानी जंग का मौर्चा संभाले हुए थे. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी से कहा कि  ”कांग्रेस ने सबसे पहले मंदिर के दरवाजे खोले. मैं इसके लिए पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को धन्‍यवाद देता हूं. बाबरी विध्‍वंस के बाद कल्‍याण सिंह ने मुख्‍यमंत्री पद से इस्‍तीफा दे दिया था. ऐसा तब हुआ जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी लेकिन आप हम पर दोष मढ़ते हैं.”

जवाब में प्रमोद तिवारी ने कहा कि तत्‍कालीन कांग्रेस सरकार ने ऐसा कोर्ट के आदेश पर किया था. उन्‍होंने कहा, ”वहां पर मूर्ति रखने और ताला खुलवाने का काम कोर्ट के आदेश पर हुआ था. इसलिए ऐसा कहना कि सरकार ने किया है, गलत है. मेरे जैसा सफेद कपड़े पहनने वाला यह बात कहे तो उसे झूठ कहा जाएगा. लेकिन गेरुए कपड़े पहनने वाले महाराज ऐसा कहें तो उसे क्‍या कहा जाए.”

बहस आगे बढती गई और साक्षी महाराज ने तिवारी के अदालत के आदेश के दावें को नकारते हुए कहा कि  राजीव गांधी ने शिलान्‍यास कराया था, ऐसा कौनसे कोर्ट के आदेश पर कराया था। कोई आदेश नहीं था. उन्‍होंने कहा, ”मैं अभी कपड़े उतार दूंगा आप इस बारे में कोर्ट का आदेश दिखा दीजिए. आप झूठ बोल रहे हैं और संन्‍यासियों पर आरोप लगा रहे हैं. जिस समय यह सब हुआ मैं अयोध्‍या में था. इस पर प्रमोद तिवारी ने कहा कि यहां पर कई महिलाएं बैठी हुई हैं तो कपड़े उतारने की बात मत करिए.


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