Kiren Rijiju, India’s union minister of state for home affairs, speaks during an interview in New Delhi, India, on Saturday, Oct. 24, 2015. Photographer: Kuni Takahashi/Bloomberg *** Local Caption *** Kiren Rijiju

जारी हिंसा के बीच रोहिंग्या मुस्लिमों की म्यांमार वापसी का फैसला लेने वाली मोदी सरकार ने दुनिया भर में फजीहत कराने के बाद अब यू टर्न ले लिया है. केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजीजू ने कहा कि रोहिंग्या लोगों को वापिस म्यांमार भेजने की बात सही नहीं है.

अंग्रेज़ी अखबार द हिन्दू से बात करते हुए रिजीजू ने कहा कि भारत ने हमेशा मानवाधिकार का ख़याल रखा है और हमेशा रिफ्यूजी को भारत में जगह दी है. उन्होने कहा, सरकार ने राज्य सरकारों से सिर्फ़ अवैध इमिग्रेंट्स को पहचानने और उनके बारे में कार्यवाही की शुरुआत की बात कही थी.

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ध्यान रहे इससे पहले रिजीजू ने कहा था कि भारत आए रोहिंग्या समुदाय के लोग अवैध अप्रवासी हैं और इन्हें वापस भेजा जाएगा. उन्होंने कहा था कि भारत में पहले से ही मौजूद शरणार्थियों की संख्या विश्व में सर्वाधिक है.

रिजीजू के इस बयान पर सयुंक्त राष्ट्र ने भारत की कड़ी आलोचना की थी. संयुक्त राष्ट्र हाई कमिश्नर (ह्यूमन राइट्स) ज़ेद रा’आद अल हुसैन ने भारत सरकार के रोहिंग्या को वापिस म्यांमार भेजे जाने की बात पर कहा था कि भारत इस तरह लोगों को ऐसी जगह वापिस नहीं भेज सकता जहां लोगों को प्रताड़ना का खतरा है.

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गृह राज्य मंत्री ने ट्वीट कर कहा कि ‘इस मामले में भारत को खलनायक बताना भारत की छवि को धूमिल करने की सोची समझी कवायद है. इन आलोचनाओं में भारत की सुरक्षा को नजरंदाज किया गया है.’


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