नई दिल्ली | केंद्र की मोदी सरकार को बने तीन साल हो चुके है. इसलिए सरकार इस मौके पर जोरदार जश्न मनाने की तैयारी कर रही है. हालाँकि विपक्षी सरकार के इस फैसले पर सवाल भी उठा रहे है. दरअसल इन तीन सालो में जहाँ सरहद पर काफी जवान शहीद हुए है वही कर्ज तले दबे काफी किसानो ने भी आत्महत्या की है. इसके अलावा अभी हाल ही में खबर आई है की देश की कई जानी मानी आईटी कंपनिया बड़े स्तर पर छटनी करने जा रही है.

ऐसे में जब सरहद पर तनाव चल रहा हो , लोगो की नौकरिया जा रही हो, बेरोजगारों को नौकरी न मिल रही हो, महंगाई अभी भी डायन की तरफ आम आदमी की जिन्दगी दूभर कर रही हो, तब मोदी सरकार किस बात के लिए जश्न मना रही है, यह सोचने का विषय है. खुद कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गाँधी भी मोदी सरकार से यह सवाल पुछा रहे है.

और पढ़े -   रोहिंग्या मुस्लिम मामले में मोदी पर बरसे मणिशंकर कहा, भारतीय मुस्लिमो को 'कुत्ता' समझने वाले से क्या रखे उम्मीद

मंगलवार को ट्वीट कर राहुल गाँधी ने मोदी सरकार के तीन साल पूरा होने पर तंज कसा. राहुल गाँधी के ऑफिस की तरफ से किये गए ट्वीट में लिखा गया , ‘ टूटते वादों, काम न कर करने और जनादेश के अपमान के तीन साल.’ राहुल गाँधी इस ट्वीट के जरिये कहना चाहते थे की प्रधानमंत्री मोदी ने जिन वादों की वजह से जनादेश पाया था, सरकार में आने के बाद वो सभी वादे भूला दिए गए.

और पढ़े -   हार्दिक पटेल की पटेल समुदाय से अपील कहा, बीजेपी को वोट मत देना चाहे मेरे पिता भी कहे

अपने दुसरे ट्वीट में राहुल गाँधी ने मोदी सरकार से पुछा की आप किस बात का जश्न मना रहे है? युवाओ को रोजगार नही मिल रहा है, सीमा पर जवान मर रहे है, किसान आत्महत्या कर रहे है, फिर किस बात का जश्न मनाया जा रहा है. इस ट्वीट के जरिये उन्होंने मोदी के उन वादों की याद दिलाई जो उन्होंने सरकार में आने से पहले किये थे. जवानों की शहादत का बदला लेने, किसानो की आमदनी दुगनी करने और हर साल दो करोड़ रोजगार देने के वादों पूरा करने में मोदी सरकार विफल रही है.


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE