प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर मौत की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए गुरुवार को कहा कि कोलकाता में हुआ फ्लाईओवर हादसा ‘दैविक संदेश’ है कि लोग बंगाल को तृणमूल कांग्रेस से बचाएं। यह एक्ट ऑफ गॉड नहीं एक्ट ऑफ फ्रॉड है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि फ्लाईओवर गिर गया, यदि गणमान्य लोग वहां जाते तो क्या करते। वे कुछ लोगों को बचाने का प्रयास करते और बचाव अभियान में सहायता करते। लेकिन दीदी (ममता बनर्जी) ने क्या किया? उन्होंने सबसे पहले यही घोषणा की कि पुल निर्माण का ठेका उनकी सरकार ने नहीं, बल्कि वाम मोर्चे की सरकार ने दिया था।

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कोलकाता में 31 मार्च को विवेकानंद पुल गिरने की घटना की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि वाम पंथ और दक्षिण पंथ को भूल जाइए, उनके बारे में चिंता कीजिए जो मर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कम से कम मृतकों को तो सम्मान दीजिए। लेकिन दीदी को मरते लोग नहीं, कुर्सी दिखाई पड़ती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी बेशर्मी तो देखिए। यह एक बड़ा हादसा था, लेकिन उन्होंने आरोप-प्रत्यारोप का खेल शुरू कर दिया। उन्होंने यहां तक कह दिया कि ठेका पिछली वाम मोर्चा की सरकार के शासनकाल में दिया गया था।

अलीपुरद्वार जिले में पार्टी की एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मैं दीदी से यह बात पूछना चाहता हूं कि पुल निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इसके उद्घाटन के वक्त उन्होंने क्या यह बात कही कि इसका ठेका वाम मोर्चे की सरकार ने दिया था? नहीं, आपने इसका श्रेय लिया। अब चूंकि यह गिर चुका है, इसलिए आप दूसरों पर आरोप लगा रहे हैं। यह आपकी पैसे और मौत की राजनीति का एक हिस्सा है।

करोड़ों रुपये के शारदा घोटाले व तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं द्वारा रिश्वत लेते हुए नजर आने वाले स्टिंग ऑपरेशन पर ममता पर चुटकी लेते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि तृणमूल सरकार पैसों तथा मौत की राजनीति करते हुए पकड़ी जा चुकी है। फ्लाईओवर हादसे को धोखाधड़ी कृत्य बताते हुए मोदी ने कहा कि वे लोग कह रहे हैं कि यह एक दैविक कृत्य है, लेकिन वास्तव में यह एक धोखाधड़ी कृत्य है।

राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को एक मौका देने का अनुरोध करते हुए मोदी ने कहा कि यह दैविक कृत्य इस मायने में है कि यह हादसा चुनाव के ऐन वक्त पर हुआ है, ताकि लोगों को यह पता चल सके कि उन पर किस तरह की सरकार शासन कर रही है। ईश्वर ने यह संदेश भेजा है कि आज यह पुल गिरा है, कल वे पूरे बंगाल को खत्म कर देंगीं। आपके लिए ईश्वर का संदेश बंगाल को बचाना है।”

केंद्र सरकार द्वारा आहूत सम्मेलनों में ममता बनर्जी की भागीदारी न होने को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री पर राज्य के कल्याण को सीमित करने का आरोप लगाया। मोदी ने कहा कि मुझे आश्चर्य होता है कि वे किस तरह की मुख्यमंत्री हैं। अहम मुद्दों पर जब भी केंद्र ने बैठक बुलाई, जिसमें सभी राज्यों ने अपने मुद्दे सामने रखे, ऐसे मौकों पर वे बैठक को दरकिनार करती रहीं। ऐसा केवल इसीलिए कि वे बैठकें मोदी ने बुलाई थी।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ ममता बनर्जी के नजदीकी संबंधों की ओर इशारा करते हुए मोदी ने वाम मोर्चा-कांग्रेस के गठबंधन की खिल्ली भी उड़ाई। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी द्वारा बुलाई बैठक में शामिल होने के लिए वे दिल्ली नहीं आईं, लेकिन जब भी वे दिल्ली गईं, मैडम सोनिया से मिलना नहीं भूलीं।

जिस राज्य में भाजपा की सरकार है, वहां चौतरफा विकास का दावा करते हुए मोदी ने कहा कि आपने बंगाल में वाम और तृणमूल को बहुत देखा और दोनों ने बंगाल को बर्बाद करने के लिए सबकुछ किया। भाजपा को एक मौका दीजिए और हम आपको दिखाएंगे कि विकास का मतलब क्या होता है। (khabar.ibnlive.com)


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