1990 में बाबरी मस्जिद की हिफाजत के लिए कार सेवकों पर गोली चलाने के मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है.

याचिकाकर्ता राणा संग्राम सिंह ने अपनी याचिका में 6 फ़रवरी 2014 को मैनपुरी जिले में आयोजित एक जनसभा में मुलायम सिंह यादव को आधार बनाया है. उन्होंने मुलायम के खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश का मुकदमा दर्ज करने की गुहार लगाई.

ध्यान रहे मैनपुरी में सभा को संबोधित करते हुए मुलायम ने कहा था, ‘अयोध्या में गोली चलने से 16 जानें गईं, अगर 30 भी जातीं तो देश की एकता और अखंडता के लिए मुझे मंजूर था. अयोध्या में एकता बचाने के लिए गोली चलानी पड़ी थी. गोली चलवाने के बाद मेरी आलोचना हुई थी, मुझे मानवता का हत्यारा कहा गया था.

वक़ील विष्णु जैन के मुताबिक याचिका में यह भी सवाल उठाया गया है कि क्या मुख्यमंत्री भीड़ पर गोली चलाने का आदेश दे सकते हैं? अगर हां तो किस कानूनी प्रावधान के तहत? क्या पुलिस को भीड़ पर गोली चलाने का अधिकार है?

आप को बता दें कि 2 नवंबर 1990 को जब कारसेवकों ने अयोध्या में विवादित ढांचे (बाबरी मस्जिद) को गिराने की कोशिश की थी. इस दौरान बाबरी मस्जिद को बचाने के लिए कारसेवकों पर पुलिस ने फायरिंग की थी. जिसमे 16 लोग मारे गए थे.


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